TMC में नया सियासी ट्विस्ट! अध्यक्ष बनीं नहीं काकोली घोष, अचानक सामने आया नया चेहरा

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी गुट और नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) के विलय के बाद पार्टी नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों पर आखिरकार विराम लग गया है। बागी गुट की प्रमुख नेता काकोली घोष दस्तीदार ने स्पष्ट कर दिया है कि एनसीपीआई की कमान अब ज्योतिप्रकाश चटर्जी संभालेंगे।
शेउली कुंडू के इस्तीफे के बाद तेज हुई थीं चर्चाएं
दरअसल, एनसीपीआई की संस्थापक और अध्यक्ष शेउली कुंडू ने एक दिन पहले अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई थी कि पार्टी की बागडोर काकोली घोष दस्तीदार के हाथों में जा सकती है। हालांकि, मंगलवार को उन्होंने इन सभी कयासों को खारिज करते हुए ज्योतिप्रकाश चटर्जी को नया अध्यक्ष घोषित कर दिया।
नए अध्यक्ष की पहचान बनी रहस्य
सबसे दिलचस्प बात यह है कि पार्टी के नए अध्यक्ष ज्योतिप्रकाश चटर्जी के बारे में खुद पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को भी जानकारी नहीं है। उनकी नियुक्ति के बाद संगठन के भीतर ही सवाल उठने लगे हैं।
पार्टी पदाधिकारी बोले- हमें भी नहीं पता कौन हैं नए अध्यक्ष
खुद को एनसीपीआई का राष्ट्रीय संगठन महासचिव बताने वाले शांतनु डे ने हैरानी जताते हुए कहा कि उन्हें ज्योतिप्रकाश चटर्जी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी में क्या चल रहा है, इसकी जानकारी तक उन्हें नहीं दी जा रही है।
शांतनु डे ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “मैं नहीं जानता कि ज्योतिप्रकाश चटर्जी कौन हैं। एनसीपीआई में क्या हो रहा है, इसकी भी मुझे कोई जानकारी नहीं है। मैंने पार्टी के लिए काफी मेहनत की है, लेकिन बड़े नेताओं के आने के बाद भी हमसे कोई संपर्क नहीं किया गया। हमें अंधेरे में रखा जा रहा है, जिससे मैं निराश हूं।”
पार्टी के भीतर बढ़ सकती है असंतोष की लहर
नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर संगठन के अंदर उठ रहे सवालों ने साफ संकेत दे दिए हैं कि एनसीपीआई में सब कुछ सामान्य नहीं है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ज्योतिप्रकाश चटर्जी पार्टी को किस दिशा में ले जाते हैं और संगठन के भीतर उठ रहे असंतोष को कैसे संभालते हैं।





