#संपादकीय

कही-सुनी (02 AUG-26) : सांसद और स्वास्थ्य सचिव में विवाद

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रवि भोई की कलम से

कहते हैं कि रायपुर के भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल और छत्तीसगढ़ सरकार के प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित कटारिया के बीच किसी मुद्दे को लेकर विवाद हो गया। आईएएस अफसर द्वारा सांसद से दुर्व्यवहार की खबर है । यह विवाद अब दिल्ली पहुँच गया है। चर्चा है कि बृजमोहन अग्रवाल ने आईएएस अफसर के दुर्व्यवहार की शिकायत लोकसभा सचिवालय में कर दी। कहा जा रहा है कि अब लोकसभा सचिवालय ने आईएएस अमित कटारिया के बारे में ब्योरा देने के लिए कार्मिक मंत्रालय भारत सरकार और छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। सुनने में आ रहा है कि सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित कटारिया को लेकर लोकसभा में विशेषाधिकार हनन की सूचना दी है। बताते है पूरा मामला मई महीने का है। बताया जा रहा है कि बृजमोहन अग्रवाल अपने लोकसभा क्षेत्र के एक बड़े अस्पताल में सीएसआर मद से कुछ बड़े काम करवाना चाहते थे। इसके लिए वे प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित कटारिया से चर्चा करना चाहते थे। पहले तो प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित कटारिया ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल का फोन ही नहीं उठाया। बृजमोहन अग्रवाल ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह से की। सुबोध सिंह के कहने पर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित कटारिया ने बृजमोहन अग्रवाल को फोन किया और बात की। जानकारों का कहना है कि मोबाइल पर बातचीत के दौरान ही दोनों के बीच अप्रिय स्थिति पैदा हुई और आईएएस अफसर ने सांसद को कुछ ऐसी बातें कह दी, जो सांसद को पसंद नहीं आई। यही से मामला बिगड़ गया। आईएएस अफसर के व्यवहार को लेकर सांसद ने पहले तो मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से बात की, फिर लोकसभा सचिवालय को लिखकर दे दिया। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित कटारिया 2004 बैच के आईएएस अफसर हैं। केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर रहे श्री कटारिया विष्णुदेव साय की सरकार में भारत सरकार से लौटे, तब से स्वास्थ्य विभाग की कमान संभाले हुए हैं। बस्तर के कलेक्टर रहते भी अमित कटारिया सुर्ख़ियों में आ चुके हैं। कटारिया साहब का गागल पहने प्रधानमंत्री के स्वागत वाला फोटो अब भी लोगों के जेहन में है। अमित कटारिया अलग शैली में काम करने वाले अफसर कहे जाते हैं। अब देखते हैं उनका सांसद से टकराव क्या रंग लाता है ?

सरकारी पत्रिका के संपादकीय सलाहकार की छुट्टी

कहते हैं सरकार ने सरकारी पत्रिका जनमन के संपादकीय सलाहकार डॉ अनिल द्विवेदी की छुट्टी कर उनकी सेवाएं प्लेसमेंट एजेंसी को लौटा दी। सरकार को इसके लिए छुट्टी के दिन और देर रात आदेश जारी करना पड़ा। आदेश जनसंपर्क विभाग के उपक्रम संवाद के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जारी किया है। खबर है कि डॉ अनिल द्विवेदी ने आरक्षण को लेकर सोशल मीडिया में एक पोस्ट डाला था। इसको लेकर वे विवादों में आ गए,हालांकि उन्होंने बाद में पोस्ट डिलीट कर दिया, पर उनके पोस्ट को लेकर नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने टिप्पणी कर दी, इससे मामले ने तूल पकड़ लिया। अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने आदेश में कहा है कि डॉ द्विवेदी ने सार्वजनिक रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की है ,जो पत्रिका के वरिष्ठ संपादकीय सलाहकार के पद के दायित्व, गरिमा, मानदंडों और शासकीय नीति-निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है।

ईडी ने तलब किया एक बड़े अफसर को

कहते हैं कि भूपेश बघेल के राज में हुए शराब घोटाले की जाँच को लेकर ईडी ने अपना दायरा बढ़ा दिया है। कांग्रेस नेता रामगोपाल की गिरफ्तारी के बाद ईडी ने शराब घोटाले को खंगालने के लिए भूपेश सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रहे अफसरों को भी तलब करना शुरू कर दिया है। चर्चा है कि पिछले दिनों ईडी ने शराब घोटाले में पूछताछ के लिए एक बड़े अफसर को अपने दफ्तर बुलाया था। यह अफसर भूपेश बघेल की सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात थे और भूपेश बघेल के करीब भी थे। इस कारण ईडी ने तलब किया। ईडी ने भूपेश बघेल के राज में महत्वपूर्ण पद पर रहे एक रिटायर्ड अफसर को भी पूछताछ के लिए बुलाया था। ईडी के इस कदम से ब्यूरोक्रेसी में खलबली है।

फारेस्ट में सीनियर अफसरों का टोटा

एक ज़माना था छत्तीसगढ़ के वन विभाग में कई पीसीसीएफ हुआ करते थे। पर अब पीसीसीएफ की कमी हो गई है। पीसीसीएफ अनिल साहू के रिटायरमेंट के बाद एडिशनल पीसीसीएफ संजीता गुप्ता को लघु वनोपज संघ का प्रभारी प्रबंध संचालक बनाया गया है। संजीता गुप्ता 2027 में पीसीसीएफ के लिए पात्र होंगी। आईएफएस प्रेम कुमार के रिटायरमेंट के बाद सरकार ने अमरनाथ प्रसाद को दोहरा प्रभार दिया है। सरकार ने आईएफएस ओपी यादव को पीसीसीएफ प्रमोट कर दिया है, पर वे वन बल प्रमुख अरुण कुमार पांडे से पहले रिटायर हो जाएंगे। साल 2027 में फारेस्ट के कई आला अफसर रिटायर हो जाएंगे। इसमें वन बल प्रमुख अरुण पांडे, 1992 बैच के आईएफएस कौशलेन्द्र कुमार और पीसीसीएफ वन्य प्राणी ओपी यादव शामिल हैं। इसके बाद 1997 बैच की आईएफएस संजीता गुप्ता ही वरिष्ठ रहेंगी। वे 2031 तक सेवा में रहेंगी।

आईपीएस अंजलि विश्वकर्मा छत्तीसगढ़ कैडर में

2021 बैच की उत्तरप्रदेश कैडर की आईपीएस अंजलि विश्वकर्मा छत्तीसगढ़ कैडर में आ गई हैं। भारत सरकार ने कैडर परिवर्तन को मंजूरी दे दी है। अंजलि विश्वकर्मा के पति उदित पुष्कर छत्तीसगढ़ कैडर के 2021 बैच के आईपीएस हैं। मैरिज के आधार पर आईपीएस अंजलि विश्वकर्मा को छत्तीसगढ़ कैडर मिला। पिछले कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ कैडर के कई आईपीएस भारत सरकार या अन्य राज्यों में प्रतिनियुक्ति पर चले गए, ऐसे में छत्तीसगढ़ को एक आईपीएस अफसर मिली।

(लेखक पत्रिका समवेत सृजन के प्रबंध संपादक और स्वतंत्र पत्रकार हैं।)
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