#प्रदेश #राष्ट्रीय

भवानीपुर में हार के बाद कोर्ट पहुंचीं ममता : शुभेंदु की जीत को दी चुनौती, EVM सील करने की मांग

Advertisement Carousel

 

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा कानूनी और राजनीतिक संग्राम शुरू हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो Mamata Banerjee ने भवानीपुर विधानसभा सीट पर मिली हार को चुनौती देते हुए Calcutta High Court का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने भाजपा नेता Suvendu Adhikari की जीत के खिलाफ चुनाव याचिका दायर की है।

अपने ही गढ़ में मिली करारी हार

2026 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को उनके पारंपरिक राजनीतिक गढ़ भवानीपुर से अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा। भाजपा के शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें 15,105 वोटों के अंतर से पराजित कर दिया। इस नतीजे ने राज्य की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया और टीएमसी के भीतर असंतोष तथा बगावत की चर्चाएं तेज हो गईं।

याचिका में EVM और चुनावी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग

हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में ममता बनर्जी ने भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े सभी चुनावी रिकॉर्ड, मतदान दस्तावेजों और ईवीएम को सुरक्षित रखने की मांग की है। उनका कहना है कि सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और रिकॉर्ड को तत्काल सील किया जाए ताकि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या साक्ष्यों के नष्ट होने की आशंका न रहे।

नंदीग्राम की कानूनी लड़ाई का दोहराव?

यह पहली बार नहीं है जब ममता बनर्जी ने चुनावी हार को अदालत में चुनौती दी हो। 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर शुभेंदु अधिकारी से मिली करीबी हार के बाद भी उन्होंने चुनाव परिणामों को स्वीकार नहीं किया था। उस समय भी उन्होंने मतगणना में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी और पुनर्मतगणना की मांग उठाई थी।

अब कोर्ट में आमने-सामने होंगे ममता और शुभेंदु

दिलचस्प बात यह है कि नंदीग्राम मामले की कानूनी लड़ाई अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। ऐसे में भवानीपुर चुनाव परिणाम को लेकर दायर नई याचिका के बाद एक बार फिर ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी अदालत में आमने-सामने होंगे। राजनीतिक गलियारों में इसे बंगाल की सबसे चर्चित कानूनी लड़ाइयों में से एक माना जा रहा है।

बंगाल की सियासत में बढ़ेगा सस्पेंस

भवानीपुर की हार के खिलाफ दायर इस नई याचिका ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है। अब सबकी निगाहें हाईकोर्ट पर टिकी हैं कि वह इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या चुनावी नतीजों को लेकर उठे सवालों पर कोई बड़ा फैसला सामने आता है।