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‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान शुरू करेगी साय सरकार, 23 जिलों में 31 योजनाओं का होगा शत-प्रतिशत लाभ वितरण

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० ‘नियद नेल्लानार’ मॉडल का प्रदेशव्यापी विस्तार, हर पात्र परिवार तक पहुंचेगा सुशासन और विकास का लाभ

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में सुशासन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य शासन जल्द ही ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान शुरू करेगा, जिसके तहत प्रदेश के 23 जिलों में 31 प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं का संतृप्तिकरण सुनिश्चित किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य हर पात्र परिवार तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना और विकास की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं जन-केंद्रित बनाना है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा, जब शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें और उनका लाभ लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए। सरकार की प्राथमिकता ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें नागरिकों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए भटकना न पड़े, बल्कि शासन स्वयं उनके द्वार तक पहुंचे।

‘नियद नेल्लानार’ की सफलता से मिली प्रेरणा

बस्तर संभाग में वर्ष 2024 से संचालित ‘नियद नेल्लानार’ योजना की सफलता के बाद सरकार ने इसके मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया है। पहले इसे 10 जिलों तक विस्तारित किया गया और अब ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ के रूप में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा संभाग के 23 जिलों में लागू किया जाएगा।

31 योजनाओं का होगा संतृप्तिकरण

अभियान के तहत सामाजिक सुरक्षा, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी 31 योजनाओं को शामिल किया गया है। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, महतारी वंदन योजना, जनधन योजना, वृद्धावस्था पेंशन, श्रम कार्ड, वनाधिकार पट्टा, जल जीवन मिशन और विभिन्न प्रमाण-पत्र सेवाएं प्रमुख हैं।

तकनीक से होगी निगरानी

अभियान की निगरानी के लिए छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (CHiPS) एक अत्याधुनिक डिजिटल डैशबोर्ड विकसित करेगी। इस डैशबोर्ड के माध्यम से राज्य से लेकर ग्राम स्तर तक योजनाओं की प्रगति, लाभार्थियों की संख्या और संतृप्तिकरण की स्थिति रियल-टाइम में देखी जा सकेगी।

तीन चरणों में चलेगा अभियान

अभियान का संचालन तीन चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में सर्वेक्षण और डेटा संकलन, दूसरे चरण में विशेष शिविरों के माध्यम से हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ना और तीसरे चरण में सतत निगरानी एवं मूल्यांकन किया जाएगा।

जिला प्रशासन निभाएगा अहम भूमिका

अभियान के सफल क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जिला प्रशासन पर होगी। जिला कलेक्टर इसकी निगरानी करेंगे, जबकि संभागायुक्त और राज्य स्तरीय समितियां नियमित समीक्षा करेंगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि नागरिक-केंद्रित सुशासन का नया मॉडल है। इससे प्रदेश के प्रत्येक पात्र परिवार तक विकास, सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि के अवसर पहुंचेंगे तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई गति मिलेगी।