Close

मोहन मरकाम ने दिखाई ताकत, रवि घोष को रायपुर से बाहर का रास्ता दिखाया,अरूण सिसोदिया और अमरजीत चावला पर जताया भरोसा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को बदले जाने की हवा के बीच मोहन मरकाम ने संगठन में सर्जरी कर अपनी ताकत दिखा दी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने विधानसभा चुनाव के कुछ महीने पहले अपने अनुकूल टीम बनाकर सबको चौंका दिया है। मरकाम ने लो प्रोफ़ाइल वाले दुर्ग जिले के नेता अरूण सिसोदिया को प्रदेश संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर एक तीर से कई निशान कर दिए है। अरूण सिसोदिया अब प्रदेश संगठन में प्रभारी महामंत्री प्रशासन और संगठन की जिम्मेदारी संभालेंगे। मरकाम ने कभी अपने विश्वस्त रहे रवि घोष का पर कतर कर बड़ा संदेश दिया है। कहते हैं रवि घोष की लाइन मरकाम से उलट हो चली थी।

कहा जा रहा है कि मोहन मरकाम ने संगठन में बदलाव कांग्रेस हाईकमान और प्रदेश प्रभारी शैलजा की सहमति से किया है। अरूण सिसोदिया दुर्ग कांग्रेस में महामंत्री रह चुके हैं और प्रदेश संगठन में भी महामंत्री हैं। प्रदेश संगठन में महामंत्री के तौर पर वे ज्यादा लाइम लाइट में नहीं थे। मरकाम ने एक ओर जहाँ रवि घोष को राजधानी से बाहर का रास्ता दिखा दिया, वहीँ अपने करीबी महामंत्री अमरजीत चावला को राजधानी रायपुर में स्थापित कर दिया। महामंत्री अमरजीत चावला रायपुर शहर, युथ कांग्रेस और एनएसयूआई के प्रभारी बनाए गए हैं । रवि घोष को बस्तर संभाग का प्रभारी बनाया गया है। उपाध्यक्ष प्रतिमा चंद्राकर राजनांदगांव प्रभारी, महामंत्री चंद्रशेखर शुक्ला मोहला मानपुर प्रभारी और महामंत्री यशर्वधन राव को प्रशिक्षण प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। मरकाम ने अपने कार्यकाल में तीसरी बार महामंत्री संगठन में बदलाव किया है। मरकाम ने महामंत्री चंद्रशेखर शुक्ला से भी संगठन और प्रशासन की जिम्मेदारी वापस लेकर अमरजीत चावला और रवि घोष के बीच बांटा था।

विधानसभा चुनाव को कुछ महीने बचे हैं और राज्य में चुनावी सरगर्मी शुरू हो चुकी है। कांग्रेस ने संभागीय सम्मेलन के जरिए चुनावी आगाज किया तो भाजपा मोदी के 9 साल के बहाने जनता के बीच जाकर चुनावी बिगुल फूंक रही है। ऐसे में इस बदलाव ने राजनीति गरमा दी है और भाजपा को वार का मौका दे दिया है। भाजपा नेता ओपी चौधरी ने इस बदलाव को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का पंख कतरना बताया है। ओपी चौधरी ने कहा है कि जिस महामंत्री अमरजीत चावला की शिकायत भूपेश बघेल ने कांग्रेस अधिवेशन के पूर्व एआईसीसी से की थी, उनको राजधानी रायपुर की जिम्मेदारी दी गई है। चावला के पास यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई (NSUI)और सदस्यता का प्रभार भी रहेगा। वह अब और भी मजबूत होकर, साथ ही राजधानी के प्रभारी बनकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की छाती पर मूंग दलने तैनात हो गए हैं या कांग्रेस की संस्कृति के अनुसार कलेजे पर लोटने के लिए तैयार कर दिए गए हैं।

भाजपा के तंज पर कांग्रेस प्रवक्ता अजय साहू ने पलटवार किया है। अजय साहू ने कहा कि भाजपा ने चार साल में चार अध्यक्ष बदल चुके है, ऐसे में भाजपा को चुटकी नहीं लेना चाहिए। कांग्रेस में अध्यक्ष को बदला नहीं गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने सहूलियत के हिसाब से महामत्रियों को प्रभार दिया है। चुनाव महज 4 महीने बचे है इस लिए संगठन को चलाने के लिए कार्यों का विभाजन हुआ है। इसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम लेने जैसी बात नहीं है। मुझे लगता है भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वह ऐसा बयान देकर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है।

scroll to top