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मैट्स यूनिवर्सिटी में एआई पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न, ‘विकसित भारत-2047’ के लिए लाइब्रेरी में तकनीक की भूमिका पर मंथन

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रायपुर। मैट्स यूनिवर्सिटी के मैट्स स्कूल ऑफ लाइब्रेरी साइंस द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन (नेशनल कॉन्फ्रेंस) का सफलतापूर्वक समापन हुआ। “ट्रांसफॉर्मिंग लाइब्रेरिज थ्रू आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) फॉर विकसित भारत-2047” (NCTLAI-VB/2047) विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में देशभर के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और पुस्तकालय विज्ञान विशेषज्ञों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष एवं कॉन्फ्रेंस की कन्वेनर डॉ. कल्पना चंद्राकर ने स्वागत भाषण देते हुए विभाग की उपलब्धियों और सम्मेलन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में पुस्तकालयों और सूचना सेवाओं की कार्यप्रणाली में व्यापक बदलाव लाने वाला है।

सम्मेलन के मुख्य अतिथि डॉ. अमित केशव, प्रोफेसर, केमिकल इंजीनियरिंग विभाग, एनआईटी रायपुर तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. सुनील कुमार सतपथी, डिप्टी लाइब्रेरियन, एनआईटी रायपुर रहे। मैट्स यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. (डॉ.) के.पी. यादव ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में तकनीक और डिजिटल साक्षरता की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने पुस्तकालयों को आधुनिक एआई टूल्स से लैस करने को समय की आवश्यकता बताया।

सम्मेलन के दौरान एआई आधारित लाइब्रेरी सेवाएं, ओपन एक्सेस, डिजिटल नॉलेज मैनेजमेंट, डेटा सुरक्षा, मशीन लर्निंग, एथिकल इश्यूज तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 जैसे विषयों पर विभिन्न राज्यों से आए शोधकर्ताओं ने 40 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए।

दो दिवसीय सम्मेलन में डॉ. सुनील कुमार सतपथी (एनआईटी रायपुर), डॉ. मो. शोएब अंसारी (उच्च शिक्षा संचालनालय, नया रायपुर), डॉ. सैयद शाज हुसैन (अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय), डॉ. नवनीत कुमार शर्मा (इन्फ्लिबनेट सेंटर, गांधीनगर), डॉ. अभय चौरसिया (दिल्ली विश्वविद्यालय) तथा डॉ. मृदु साहू (एनआईटी रायपुर) सहित कई विशेषज्ञों ने तकनीकी सत्रों में अपने विचार साझा किए।

सम्मेलन के सफल आयोजन पर मैट्स यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति गजराज पगारिया, महानिदेशक प्रियेश पगारिया, उप-कुलपति डॉ. दीपिका ढांड तथा कुलसचिव गोकुलानंदा पंडा ने आयोजन समिति को बधाई दी। उन्होंने को-कन्वेनर डॉ. प्रमोद कुमार, समन्वयक डॉ. साहित्यांजलि चंद्र एवं संजय शाहजीत सहित सहायक प्राध्यापक ओमलता साहू, लुकेश मिर्चे और असिस्टेंट लाइब्रेरियन शशिकांत कोसरे सहित पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की।