डॉ. तीजन बाई के सम्मान में बड़ा फैसला: गनियारी के शासकीय स्कूल का नाम होगा पद्म विभूषण लोकगायिका के नाम पर

० राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार के बाद शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने की घोषणा, कहा- आने वाली पीढ़ियों को मिलेगी प्रेरणा
रायपुर। छत्तीसगढ़ की विश्वविख्यात पंडवानी गायिका एवं पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई को राज्य सरकार ने मरणोपरांत विशेष सम्मान देने का निर्णय लिया है। उनके गृहग्राम गनियारी स्थित शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी स्कूल का नाम अब “डॉ. तीजन बाई शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी विद्यालय, गनियारी” होगा। यह घोषणा स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने गनियारी में आयोजित श्रद्धांजलि सभा के दौरान की।
रायपुर एम्स में कई दिनों तक इलाज के बाद रविवार को 72 वर्षीय डॉ. तीजन बाई का निधन हो गया। उनके निधन से छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मंत्रिपरिषद के सदस्यों सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने एम्स पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए गनियारी लाया गया, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपनी अद्वितीय कला-साधना, ओजस्वी प्रस्तुति और आजीवन समर्पण से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को विश्व मंच पर विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका निधन प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना के एक स्वर्णिम अध्याय का अंत है।
उन्होंने कहा कि डॉ. तीजन बाई का पूरा जीवन लोककला, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समर्पित रहा। उनकी संघर्षपूर्ण यात्रा और उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगी।
इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने उनके सम्मान में गनियारी स्थित शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी स्कूल का नाम उनके नाम पर रखने का निर्णय लिया है। मंत्री ने कहा कि यह केवल नामकरण नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की महान लोककलाकार के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है, जिससे विद्यार्थी उनके जीवन, संघर्ष और सांस्कृतिक योगदान से प्रेरणा लेते रहेंगे।





