छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आज से, पहले दिन तीजन बाई को श्रद्धांजलि; 8 विधेयक होंगे पेश

  रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। 17 जुलाई तक चलने वाले इस सत्र में कुल पांच बैठकें आयोजित होंगी। सरकार इस दौरान आठ विधेयक सदन में पेश करेगी। पहले दिन की कार्यवाही की शुरुआत हाल ही में दिवंगत पद्म विभूषण एवं सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ होगी। सत्र के पहले दिन प्रश्नकाल में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा तथा वन मंत्री केदार कश्यप अपने-अपने विभागों से जुड़े सदस्यों के सवालों के जवाब देंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सदन के पटल पर छत्तीसगढ़ राज्य मानवाधिकार आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन 2024-25, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग का […]

डॉ. तीजन बाई के सम्मान में बड़ा फैसला: गनियारी के शासकीय स्कूल का नाम होगा पद्म विभूषण लोकगायिका के नाम पर

० राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार के बाद शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने की घोषणा, कहा- आने वाली पीढ़ियों को मिलेगी प्रेरणा रायपुर। छत्तीसगढ़ की विश्वविख्यात पंडवानी गायिका एवं पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई को राज्य सरकार ने मरणोपरांत विशेष सम्मान देने का निर्णय लिया है। उनके गृहग्राम गनियारी स्थित शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी स्कूल का नाम अब “डॉ. तीजन बाई शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी विद्यालय, गनियारी” होगा। यह घोषणा स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने गनियारी में आयोजित श्रद्धांजलि सभा के दौरान की। रायपुर एम्स में कई दिनों तक इलाज के बाद रविवार को 72 वर्षीय डॉ. तीजन बाई का निधन हो गया। उनके निधन से छत्तीसगढ़ ही […]

पंचतत्व में विलीन हुईं पंडवानी की अमर आवाज़: राजकीय सम्मान के साथ डॉ. तीजन बाई को अंतिम विदाई, नम आंखों से उमड़ा जनसैलाब

दुर्ग। छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को विश्वभर में नई पहचान दिलाने वाली विश्वविख्यात पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को रविवार को उनके पैतृक गांव गनियारी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। जैसे ही उनकी अंतिम यात्रा गांव पहुंची, हजारों लोगों की आंखें नम हो गईं। प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कलाकारों, साहित्यकारों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने लोककला की इस महान साधिका को अंतिम प्रणाम किया। राज्य शासन के निर्देशानुसार पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की सभी औपचारिकताएं पूरी की गईं। गनियारी की मिट्टी ने अपनी उस बेटी को अंतिम विदाई दी, जिसने अपनी आवाज़ से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को दुनिया के सबसे […]

नहीं रहीं पंडवानी की अमर आवाज़: पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का निधन, छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को अपूरणीय क्षति

दुर्ग। छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को विश्वभर में नई पहचान दिलाने वाली विश्वविख्यात पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण सम्मानित डॉ. तीजन बाई अब हमारे बीच नहीं रहीं। 72 वर्ष की आयु में उन्होंने रायपुर स्थित एम्स में अंतिम सांस ली। वे पिछले 27 मई से उपचाररत थीं और देर रात करीब 3:15 बजे उनका निधन हो गया। उनके निधन से पूरे छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। दुर्ग जिले के गनियारी गांव की रहने वाली तीजन बाई ने महज 13 वर्ष की उम्र में अपने नाना से पंडवानी गायन की शिक्षा ली थी। अपनी अद्भुत प्रतिभा और कापालिक शैली की दमदार प्रस्तुतियों […]