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महादेव ऐप केस में विकास गर्ग पर ईडी का शिकंजा, 24 जुलाई तक रिमांड; भाजपा ने किया निष्कासित

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० ईडी का दावा- बेटिंग ऐप से हर महीने होती थी 450 करोड़ रुपये की अवैध कमाई; अब तक 4,000 करोड़ की संपत्तियां कुर्क

रायपुर/नई दिल्ली। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में कारोबारी विकास गर्ग की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं, कार्रवाई के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी विकास गर्ग को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है।

ईडी के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क के जरिए हर महीने करीब 450 करोड़ रुपये की कथित अवैध कमाई की जाती थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस धन को हवाला नेटवर्क और शेल कंपनियों के माध्यम से विदेश भेजकर मनी लॉन्ड्रिंग की जाती थी। एजेंसी के मुताबिक, यह रकम दुबई, मॉरिशस और यूनाइटेड किंगडम स्थित कंपनियों तक पहुंचाई जाती थी और बाद में विदेशी निवेश के रूप में भारत वापस लाई जाती थी।

जांच में यह भी सामने आया है कि कथित अवैध धन का इस्तेमाल शेयरों में निवेश, कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदने और अचल संपत्तियां अर्जित करने में किया गया। ईडी का आरोप है कि अमेरिका की कंपनी Ebix Inc. में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने के लिए भी इसी धन का उपयोग किया गया।

ईडी के मुताबिक, महादेव बेटिंग ऐप मामले में अब तक करीब 4,000 करोड़ रुपये की संपत्तियां देश और विदेश में कुर्क की जा चुकी हैं। हाल ही में विकास गर्ग और उनके परिवार से जुड़ी 940.77 करोड़ रुपये की संपत्तियों को भी अस्थायी रूप से जब्त किया गया है।

ईडी की मांग पर अदालत ने विकास गर्ग को 24 जुलाई तक एजेंसी की हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसी का कहना है कि रिमांड के दौरान धन के स्रोत, हवाला नेटवर्क, शेल कंपनियों और अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर पूछताछ की जाएगी।

ईडी के अनुसार, महादेव बेटिंग ऐप एक अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट के रूप में संचालित होता था, जिसका मुख्य संचालन दुबई से किया जाता था। इस मामले में अब तक 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि रायपुर की विशेष अदालत में दाखिल पांच आरोप पत्रों में 74 व्यक्तियों और कंपनियों को आरोपी बनाया गया है।