हिमाचल में बारिश का कहर: चंबा में भूस्खलन से 12 वाहन मलबे में दबे, कई घर-दुकानें क्षतिग्रस्त

० मूसलाधार बारिश से उफान पर आए नाले, भरमौर-पठानकोट हाईवे प्रभावित; कई परिवारों ने रातों-रात खाली किए घर
चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में सोमवार रात हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई। तेज बारिश के कारण कई इलाकों में भूस्खलन और नालों में उफान से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। राहत की बात यह रही कि इस प्राकृतिक आपदा में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन कई घरों, दुकानों और वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है।
भूस्खलन से 12 वाहन मलबे में दबे
बारिश के बाद उदयपुर, घोलटी, नवोदय मार्ग और भरियाड क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ। पहाड़ियों से गिरे मलबे ने सड़कों और रिहायशी इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। इस दौरान करीब 12 वाहन मलबे में दब गए, जिनमें निजी कारें, मालवाहक ट्रक, बाइक और स्कूटियां शामिल हैं।
उफान पर आए नाले, हाईवे पर बढ़ा खतरा
लगातार बारिश से भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित तडोली नाला उफान पर आ गया। तेज बहाव के साथ आए बड़े पत्थर और मलबे ने आसपास के क्षेत्रों में भारी नुकसान पहुंचाया। मलबा एक स्टोर में घुस गया, जिससे वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं कई घरों में भी पानी और मलबा भरने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसी तरह सुल्तानपुर नाले ने भी विकराल रूप धारण कर लिया। तेज बहाव में कई दोपहिया वाहन बह गए और क्षतिग्रस्त हो गए। भरियाड गांव में पानी का रुख बदलने से मलबा सीधे रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया, जिससे गांव में दहशत का माहौल बन गया।
सुरक्षा के लिए लोगों ने खाली किए घर
स्थिति गंभीर होते देख कई परिवारों ने एहतियातन अपने घर खाली कर दिए और रात पड़ोसियों के यहां बिताई। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है। स्थानीय लोगों के सामने अब घरों की सफाई, मरम्मत और आर्थिक नुकसान की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।




