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भोजशाला विवाद: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, दरगाह के पास जमीन पर हर शुक्रवार होगी नमाज

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0 धार प्रशासन को दोपहर 1 से 3 बजे तक नमाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश, वैकल्पिक स्थान पर भी सहमति से हो सकता है फैसला

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला परिसर विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अहम अंतरिम आदेश जारी करते हुए दरगाह के समीप स्थित जमीन पर मुस्लिम समुदाय को हर शुक्रवार जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति दी है। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि प्रत्येक शुक्रवार दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक नमाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था अंतरिम है। अदालत ने यह भी कहा कि यदि राज्य सरकार और मुस्लिम पक्ष आपसी सहमति से कोई अन्य उपयुक्त स्थान तय करते हैं तो वहां भी नमाज की व्यवस्था की जा सकती है।

खसरा नंबर 596 की जमीन पर होगी नमाज

सुनवाई के दौरान पेश किए गए साइट प्लान के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने खसरा नंबर 596 की जमीन को जुमे की नमाज के लिए उपयुक्त माना। कोर्ट ने कहा कि इस स्थान तक अलग और स्वतंत्र पहुंच मार्ग उपलब्ध है तथा यह विवादित भोजशाला परिसर के समीप स्थित है, जिससे श्रद्धालुओं को आने-जाने में सुविधा होगी।

आदेश के पालन नहीं होने की शिकायत पर सुनवाई

इससे पहले 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम फैसला आने तक नमाज के लिए भोजशाला के पास खुली जमीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद मुस्लिम पक्ष की ओर से हाजी मुनीर अहमद ने अदालत में शिकायत की कि जिला प्रशासन ने आदेश का पालन नहीं किया और उन्हें लगभग 1.3 किलोमीटर दूर वैकल्पिक जमीन उपलब्ध कराई जा रही है। उनका कहना था कि नमाज की जगह इतनी निकट होनी चाहिए कि श्रद्धालु आसानी से पहुंच सकें।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद बढ़ा था विवाद

गौरतलब है कि 15 मई को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए भोजशाला को देवी सरस्वती को समर्पित वाग्देवी मंदिर माना था। साथ ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के उस पुराने आदेश को भी निरस्त कर दिया था, जिसके तहत परिसर में मुस्लिम समुदाय को जुमे की नमाज की अनुमति दी गई थी। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और ASI को परिसर के प्रबंधन एवं प्रशासन को लेकर उचित निर्णय लेने के निर्देश भी दिए थे।

अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद भोजशाला विवाद में अंतरिम तौर पर नमाज की व्यवस्था का रास्ता साफ हो गया है, जबकि मामले की अंतिम सुनवाई अभी बाकी है।