CGPSC Scam: आरती वासनिक को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, पूर्व परीक्षा नियंत्रक समेत 2 आरोपियों को नियमित जमानत

  रायपुर। छत्तीसगढ़ पीएससी घोटाला मामले में गिरफ्तार तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने आरती वासनिक और पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक ललित गनवीर को नियमित जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत का आदेश दिया। एक साल से ज्यादा समय से न्यायिक हिरासत में थीं आरती वासनिक सुप्रीम कोर्ट में आरती वासनिक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पी.बी. मुरेश के साथ अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिहा ने पक्ष रखा।बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि आरती […]

राजस्थान हाईकोर्ट में बड़ा विवाद: सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता ने CJI को लिखा पत्र, कार्यवाहक चीफ जस्टिस को हटाने की मांग

  दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता ने भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत को पत्र लिखकर राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा को तत्काल हटाने की मांग की है। उन्होंने राजस्थान हाईकोर्ट के लिए किसी दूसरे राज्य से नए मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति किए जाने का अनुरोध किया है। जस्टिस मेहता के इस पत्र के सामने आने के बाद न्यायिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। हालांकि, पत्र में किन विशेष कारणों और घटनाक्रम का हवाला दिया गया है, यह जानकारी सामने आने पर ही पूरे विवाद की तस्वीर स्पष्ट होगी।

BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के लंबे कार्यकाल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, 2030 तक बढ़ाने वाली अधिसूचना रद्द करने की मांग

  नई दिल्ली। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के लंबे कार्यकाल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। अधिवक्ता योगमाया एमजी की ओर से दाखिल याचिका में BCI नियमों के तहत चेयरमैन के दो साल के कार्यकाल का हवाला देते हुए 21 अप्रैल 2025 की गजट अधिसूचना को रद्द करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का दावा है कि इसी अधिसूचना के जरिए मनन कुमार मिश्रा का कार्यकाल 2030 तक बढ़ाया गया। चेयरमैन को पद से हटाने और नए चुनाव की मांग याचिका में मनन कुमार मिश्रा को BCI चेयरमैन पद से हटाने और स्वतंत्र निगरानी में नए चुनाव कराने की मांग की […]

भोजशाला विवाद: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, दरगाह के पास जमीन पर हर शुक्रवार होगी नमाज

0 धार प्रशासन को दोपहर 1 से 3 बजे तक नमाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश, वैकल्पिक स्थान पर भी सहमति से हो सकता है फैसला नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला परिसर विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अहम अंतरिम आदेश जारी करते हुए दरगाह के समीप स्थित जमीन पर मुस्लिम समुदाय को हर शुक्रवार जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति दी है। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि प्रत्येक शुक्रवार दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक नमाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ […]

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने रायपुर में देश के पहले डिजिटल जनजातीय संग्रहालय की सराहना

रायपुर। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (सीजेआई) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने आज राजधानी नवा रायपुर के आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में बने देश के पहले डिजिटल संग्रहालय का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का यह जनजातीय संग्रहालय अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को जनजातीय इतिहास और संस्कृति से वाकिफ होना चाहिए। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के अंदोलनों और शौर्य गाथाओं पर संग्रहालय में बने प्रत्येक गैलरी को निकट से देखा। उन्होंने कहा कि इस संग्रहालय में जनजातीय आंदोलनों की स्मृतियां लोगों को शोषण एवं अन्याय के खिलाफ एक जुट होने और उसका प्रतिकार करने के लिए प्रेरित करेंगी। […]

सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए नियमों पर लगाई रोक , अस्पष्ट और दुरुपयोग की संभावना वाला बताया

नई दिल्ली। देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता और भेदभाव समाप्त करने के उद्देश्य से लाए गए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के इक्विटी रेगुलेशन 2026 पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश श्री सूर्यकांत और न्यायमूर्ति श्री जॉयमाल्य बागची की पीठ ने स्पष्ट किया कि मामले की अगली सुनवाई तक वर्ष 2012 के पुराने नियम ही लागू रहेंगे। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इन नए नियमों पर गंभीर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया ये नियम अस्पष्ट हैं और इनके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट की इस टिप्पणी से केंद्र सरकार और यूजीसी की […]

सुप्रीम कोर्ट से ममता सरकार को नोटिस जारी, ईडी अफसरों पर नहीं होगी FIR, अब अगली सुनवाई तीन फरवरी को

  दिल्ली। कोलकाता में बीते आठ जनवरी को आई-पैक के कार्यालय और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर हुई प्रवर्तन निदेशालय की रेड को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई। इस मामले में ईडी और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच तीखी बहस देखने को मिली। सुप्रीम कोर्ट में अब अगली सुनवाई 3 फरवरी को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार और राज्य के डीजीपी को नोटिस जारी किया है। अदालत ने दोनों को दो हफ्ते में जवाब देने का आदेश दिया है। अदालत ने ईडी की याचिका पर नोटिस जारी किया। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक ईडी अधिकारियों के खिलाफ FIR पर रोक […]

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस गवई पर वकील ने की जूता फेंकने की कोशिश , गवई बोले- ऐसी घटनाओं से फर्क नहीं पड़ता

  दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को एक चौंकाने वाली घटना हुई। यहां सुनवाई के दौरान एक वकील ने भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर जूता उछालने की कोशिश की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस शख्स ने कोर्ट के अंदर नारेबाजी भी की। बाद में कोर्ट में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उसे बाहर निकाला। इससे कुछ देर के लिए कोर्ट की कार्यवाही बाधित रही। लाइव लॉ वेबसाइट के मुताबिक, अदालत में मौजूद लोगों ने बताया कि पकड़े गए शख्स ने नारे लगाए- सनातन धर्म का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने वेबसाइट को बताया कि व्यक्ति ने सीजेआई पर जूता फेंकने की कोशिश की थी, वहीं कुछ और ने कहा […]

सुप्रीम कोर्ट ने सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर जारी किया नोटिस, केंद्र और लद्दाख से मांगा जवाब

  नई दिल्ली। लेह हिंसा के बाद सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। सर्वोच्च न्यायालय ने आज मामले पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी। सोनम वांगचुक को लेह हिंसा के बाद 26 सितंबर को हिरासत में लिया गया था। सोनम वांगचुक पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत मामला दर्ज किया गया है और उन्हें जोधपुर जेल भेजा गया है। सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस अरविंद कुमार और एनवी अंजारिया ने मामले पर सुनवाई की। इस दौरान […]

Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में पटाखों की बिक्री पर लगाई रोक, ग्रीन पटाखे बनाने की दी इजाजत

दिल्ली। दिवाली से पहले सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए दिल्ली-एनसीआर में सभी तरह के पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पटाखा निर्माताओं को ग्रीन पटाखे बनाने की इजाजत दे दी है। लेकिन कोर्ट ने साफ कहा कि ये पटाखे दिल्ली-एनसीआर में नहीं बेचे जाएंगे, जब तक अगला आदेश नहीं आता। कोर्ट ने शर्त रखी है कि सिर्फ वही निर्माता पटाखे बनाएंगे जिनके पास ग्रीन पटाखे का सर्टिफिकेट होगा। यह प्रमाणपत्र नीरी (एनईईआरआई) और पेसो (पीईएसओ) जैसी अधिकृत एजेंसियों से ही जारी होना चाहिए।   बता दें कि पटाखा निर्माताओं को यह भी लिखित वचन देना होगा कि वे […]