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छत्तीसगढ़ के पहले स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का समापन, खिलाड़ियों को मिली करोड़ों की सौगात; उत्कृष्ट खेल मिशन के लिए ₹100 करोड़ का ऐलान

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० मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के पदक विजेताओं को दी प्रोत्साहन राशि, खेलों के विकास के लिए नई कार्ययोजना का रोडमैप तैयार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में खेलों को नई दिशा देने की बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और खेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने के लिए ‘उत्कृष्ट खेल मिशन’ के तहत इस वर्ष ₹100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों और टीमों को प्रोत्साहन राशि भी वितरित की।

राजधानी रायपुर में आयोजित कॉन्क्लेव में देशभर से आए खेल प्रशासकों, नीति निर्माताओं, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट्स, पूर्व खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने राज्य में खेल प्रतिभाओं की पहचान, प्रशिक्षण और आधुनिक खेल सुविधाओं के विकास को लेकर विस्तृत मंथन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कॉन्क्लेव से मिले सुझाव राज्य की खेल नीति और भविष्य की कार्ययोजना को और अधिक प्रभावी बनाएंगे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसे आयोजनों ने हजारों खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया है। उन्होंने बताया कि हाल ही में प्रदेश के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची को मंजूरी दी गई है, जिन्हें भविष्य में सरकारी सेवाओं में लाभ दिया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव ने कहा कि स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव राज्य में खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों से मिले सुझावों के आधार पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर उसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा, ताकि स्कूल स्तर से ही प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक तैयार किया जा सके।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों और टीमों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की। राज्य ने प्रतियोगिता में 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य सहित कुल 19 पदक जीते थे। स्वर्ण पदक विजेताओं को ₹2 लाख, रजत पदक विजेताओं को ₹1.50 लाख और कांस्य पदक विजेताओं को ₹1 लाख की प्रोत्साहन राशि दी गई। वहीं महिला फुटबॉल टीम को स्वर्ण पदक के लिए ₹22 लाख, पुरुष फुटबॉल टीम को रजत पदक के लिए ₹16.50 लाख और पुरुष हॉकी टीम को कांस्य पदक के लिए ₹9 लाख की राशि प्रदान की गई।

कॉन्क्लेव में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों, खेल वैज्ञानिकों, प्रशिक्षकों तथा प्रदेशभर के खेल संघों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर छत्तीसगढ़ को खेलों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए अपने सुझाव साझा किए।