14.56 करोड़ बैंक घोटाले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, तमिलनाडु से दबोचा गया तत्कालीन मैनेजर

० बेमेतरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 180 खातों में फर्जीवाड़े का आरोप; चार बिचौलिए पहले ही जा चुके हैं जेल
बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 14.56 करोड़ रुपये के इंडियन ओवरसीज बैंक घोटाले में बेमेतरा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी और तत्कालीन बैंक प्रबंधक विनीत दास को तमिलनाडु के तंजावुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर बेमेतरा लाकर आगे की पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल ने बताया कि यह मामला वर्ष 2022 का है। बैंक के नए प्रबंधक रज्जू पाटनवार की शिकायत और आंतरिक जांच के बाद आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश की धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
180 खातों में किया करोड़ों का फर्जीवाड़ा
जांच में सामने आया कि तत्कालीन बैंक प्रबंधक ने बिचौलियों के साथ मिलकर 180 खातों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं कीं। आरोप है कि बंद पड़े व्यवसायों के नाम पर, बिना संपत्ति की गारंटी, फर्जी जीएसटी नंबर और जाली हस्ताक्षरों के जरिए करोड़ों रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए।
चार बिचौलिए पहले ही गिरफ्तार
इस मामले में शामिल चार बिचौलियों—कमलेश सिन्हा, जोहन सिन्हा, टीकाराम माथुर और नागेश कुमार वर्मा—को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूरे नेटवर्क और घोटाले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।





