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भरपूर खाद-बीज, डीबीटी से हजारों करोड़ की सहायता… कृषि क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने गिनाईं बड़ी उपलब्धियां

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० कृषि मंत्री रामविचार नेताम बोले- किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने पर सरकार का फोकस; खाद-बीज, सिंचाई, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन में तेज प्रगति का दावा

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने कृषि क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों का ब्यौरा पेश करते हुए दावा किया है कि राज्य में किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिए आर्थिक सहायता, आधुनिक खेती, सिंचाई, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। शुक्रवार को आयोजित संयुक्त प्रेसवार्ता में कृषि मंत्री रामविचार नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने विभागीय उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी।

98 फीसदी खाद-बीज का भंडारण

सरकार के अनुसार खरीफ 2026 के लिए निर्धारित 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों के लक्ष्य के मुकाबले 15.16 लाख मीट्रिक टन (करीब 98%) उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है। किसानों द्वारा अब तक 10.23 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का उठाव किया गया है, जबकि करीब 4.93 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। खरीफ सीजन के लिए लगभग 4.85 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज भी उपलब्ध कराए गए हैं।

किसानों को डीबीटी से 35 हजार करोड़ से अधिक की सहायता

कृषक उन्नति योजना के तहत खरीफ 2023 से खरीफ 2025 तक लगभग 25.52 लाख किसानों के खातों में 35,892.90 करोड़ रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी गई है। वहीं, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 24.63 लाख किसानों को 23वीं किस्त के रूप में 493 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई।

83 प्रतिशत बोनी पूरी

राज्य में खरीफ सीजन के लिए 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक करीब 83 प्रतिशत बोनी पूरी हो चुकी है। सामान्य से अधिक बारिश के कारण फसलों की स्थिति संतोषजनक बताई गई है।

आधुनिक खेती और प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा

सरकार ने बताया कि कृषि यंत्रीकरण के तहत 7,745 किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं और 568 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किए गए हैं। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत लगभग 50 हजार किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई का लाभ मिला है। वहीं 57 हजार से अधिक किसान प्राकृतिक खेती से जुड़े हैं।

उद्यानिकी, डेयरी और मत्स्य पालन में बढ़ोतरी

सरकार के मुताबिक उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़कर 8.91 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है। ऑयल पाम और बांस रोपण में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पशुपालन क्षेत्र में दूध, अंडा और मांस उत्पादन बढ़ा है, जबकि मत्स्य उत्पादन 23 प्रतिशत बढ़कर 9.59 लाख टन तक पहुंच गया है।

डिजिटल कृषि और कृषि बाजार पर जोर

प्रेसवार्ता में बताया गया कि प्रदेश के 36 लाख से अधिक किसानों का डिजिटल पंजीयन किया जा चुका है और 19,389 गांवों का जियो-रेफरेंसिंग पूरा हो चुका है। ई-नाम प्लेटफॉर्म से 21 कृषि मंडियां जुड़ चुकी हैं। वहीं कृषि अवसंरचना निधि (AIF) के तहत 1,900 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 3,026 करोड़ रुपये की उपलब्धि हासिल करने का दावा किया गया।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और कृषि को आधुनिक एवं तकनीक आधारित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण बीज, पर्याप्त उर्वरक, डिजिटल सेवाओं और आधुनिक तकनीक के समन्वय से छत्तीसगढ़ कृषि विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।