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हरियाली तीज 2026: 15 अगस्त को सजेगा सुहाग का श्रृंगार, जानिए सोलह श्रृंगार का धार्मिक महत्व

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रायपुर। हरियाली तीज का पर्व इस वर्ष 15 अगस्त 2026, शनिवार को मनाया जाएगा। सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाए जाने वाले इस पर्व का सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ व्रत रखती हैं। मां पार्वती और भगवान शिव की पूजा के साथ सोलह श्रृंगार करने की भी परंपरा है।

हरियाली तीज पर सिर से पांव तक सोलह श्रृंगार कर मां पार्वती का तीज माता के रूप में पूजन महिलाओं के जीवन में सौभाग्य और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। माथे की बिंदी से लेकर पैरों की पायल तक हर श्रृंगार का अपना धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है।

क्या हैं हरियाली तीज के सोलह श्रृंगार?
बिंदी
सिंदूर
काजल
मेहंदी
शादी का जोड़ा
गजरा
मांग टीका
नथ
कर्णफूल
हार या मंगलसूत्र
बाजूबंद
कंगन और चूड़ियां
अंगूठी
कमरबंद
बिछुआ
पायल

इसके बाद आप पहले वाली खबर में “बिंदी और सिंदूर का महत्व”, “मेहंदी और गजरा”, “नथ और कर्णफूल”, “मंगलसूत्र और चूड़ियां”, “पायल और बिछुआ” वाले सभी सेक्शन रख सकती हैं।

मान्यता है कि हरियाली तीज पर सोलह श्रृंगार कर मां पार्वती की पूजा करने से अखंड सौभाग्य, सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की खुशहाली का आशीर्वाद मिलता है।