राम मंदिर CEO की रेस में 3 नाम सबसे आगे, 5,300 आवेदनों में 16 शॉर्टलिस्ट; जानिए इंटरव्यू में क्या पूछ रहे सवाल

अयोध्या। राम मंदिर के पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज हो गई है। 5,300 से अधिक आवेदनों में से 16 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इनमें पूर्व IPS अधिकारी राजेश कुमार पांडेय, पूर्व IAS अधिकारी दिनेश चंद्र और अयोध्या के पूर्व जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा प्रमुख दावेदारों में बताए जा रहे हैं।
34 सवालों के जरिए हो रहा उम्मीदवारों का आकलन
CEO के चयन के लिए तैयार इंटरव्यू फॉर्मेट में कुल 34 सवाल शामिल हैं। उम्मीदवारों से प्रशासनिक अनुभव, नेतृत्व क्षमता, बड़े आयोजनों के प्रबंधन, कर्मचारियों की बड़ी टीम संभालने और भीड़ प्रबंधन से जुड़े सवाल पूछे जा रहे हैं।
इसके साथ ही मंदिर प्रशासन, धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं के संचालन, धार्मिक परंपराओं और राम मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर उम्मीदवारों की सोच भी परखी जा रही है।
राजेश कुमार पांडेय का लंबा पुलिस अनुभव
पूर्व IPS राजेश कुमार पांडेय 2003 बैच के अधिकारी रहे हैं। उन्होंने करीब 32 साल तक पुलिस सेवा में काम किया। लखनऊ, अलीगढ़ और मेरठ में SSP सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वे STF और ATS के संस्थापक सदस्यों में भी शामिल रहे हैं।
पुलिस सेवा के दौरान उन्हें कई वीरता और सेवा पदक मिले। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों से जुड़े रहे।
दिनेश चंद्र के पास प्रशासनिक अनुभव
2012 बैच के IAS अधिकारी दिनेश चंद्र उत्तर प्रदेश के कई जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। वे अलीगढ़ के मुख्य विकास अधिकारी, गाजियाबाद नगर आयुक्त, कानपुर देहात के जिलाधिकारी, बहराइच और सहारनपुर के DM रह चुके हैं।
वे 14 सितंबर 2024 से 4 मई 2026 तक जौनपुर के जिलाधिकारी रहे। वर्तमान में लखनऊ में समाज कल्याण विभाग के विशेष सचिव हैं।
योगेश्वर राम मिश्रा को अयोध्या का अनुभव
2005 बैच के IAS अधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा अयोध्या के जिलाधिकारी रह चुके हैं। इसके अलावा वे बाराबंकी और वाराणसी के DM भी रहे।
अयोध्या में प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने के कारण उन्हें धार्मिक पर्यटन, श्रद्धालुओं की भीड़, कानून-व्यवस्था और बड़े आयोजनों के प्रबंधन का प्रत्यक्ष अनुभव माना जा रहा है। वे विंध्याचल मंडल के मंडलायुक्त भी रहे और विंध्य धाम कॉरिडोर से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालीं।
इंटरव्यू में धार्मिक आस्था से जुड़े सवाल भी
उम्मीदवारों से यह भी पूछा जा रहा है कि वे भगवान राम और हिंदू धार्मिक परंपराओं के प्रति किस तरह की आस्था रखते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पहनावे, धार्मिक रीति-रिवाजों, सामाजिक-धार्मिक गतिविधियों और व्यक्तिगत आदतों से जुड़े सवाल भी इंटरव्यू का हिस्सा हैं।
साथ ही उम्मीदवारों से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि वे मंदिर में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, श्रद्धालु सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था को किस तरह बेहतर बनाएंगे।
बंद कमरे में हो रहा इंटरव्यू
16 शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया जा रहा है। इंटरव्यू करीब 40 से 50 मिनट तक चलने की बात सामने आई है। उम्मीदवारों को पहले मंदिर परिसर का दौरा भी कराया गया है और मीडिया से बातचीत नहीं करने का निर्देश दिया गया है।
तीन सदस्यीय समिति करेगी पहली स्क्रीनिंग
CEO चयन की शुरुआती प्रक्रिया तीन सदस्यीय समिति के जरिए हो रही है। समिति में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावड़े शामिल हैं।
समिति 16 उम्मीदवारों के इंटरव्यू और अनुभव के आधार पर तीन नामों का पैनल तैयार करेगी। इसके बाद इन तीनों उम्मीदवारों का अंतिम इंटरव्यू श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट करेगा। अंतिम मंजूरी के बाद एक उम्मीदवार को राम मंदिर का पूर्णकालिक CEO नियुक्त किया जाएगा।
नियुक्ति शुरुआती तौर पर तीन साल के लिए होगी, जिसे प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकता है।





