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Ambikapur Cyber Fraud Case: 1 करोड़ की रिश्वत के आरोप से मचा हड़कंप, प्रशिक्षु IPS पर लगे आरोपों पर IG ने साफ किया पुलिस का पक्ष

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अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर साइबर थाने में दर्ज करोड़ों की साइबर ठगी से जुड़े मामले में प्रशिक्षु IPS राहुल बंसल पर एक करोड़ रुपये रिश्वत मांगने के आरोप ने पुलिस महकमे में हलचल बढ़ा दी है। शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद मामला CBI कोर्ट तक पहुंच गया है। हालांकि, सरगुजा रेंज IG दीपक झा ने कहा है कि अब तक की जांच में राहुल बंसल के खिलाफ रिश्वत मांगने या मामले में संलिप्तता का कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला है।

23 आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी

इस साइबर फ्रॉड केस की जांच प्रशिक्षु IPS राहुल बंसल को सौंपी गई थी। पुलिस के अनुसार मामले में अलग-अलग राज्यों से अब तक 23 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसी दौरान हरियाणा निवासी शिकायतकर्ता आकाश कुमार ने जांच को प्रभावित करने के लिए एक करोड़ रुपये की कथित मांग किए जाने का आरोप लगाया।

शिकायतकर्ता का दावा है कि कथित रिश्वत की रकम हवाला नेटवर्क के जरिए पहुंचाने की कोशिश की गई। उसने इस पूरे मामले में साइबर थाने में पदस्थ एएसआई प्रवीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा की भूमिका होने का भी आरोप लगाया है।

20.15 लाख की ऑनलाइन ठगी से जुड़ा मामला

पूरा मामला करीब 20.15 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता आकाश कुमार ने दिल्ली की सीबीआई स्पेशल कोर्ट में परिवाद दायर कर आरोप लगाया कि मामले की जांच के दौरान कार्रवाई को प्रभावित करने के लिए एक करोड़ रुपये की मांग की गई।

शिकायतकर्ता ने कथित बातचीत के स्क्रीनशॉट और ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा भी किया है। उसने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की है।

IPS समेत तीन लोगों को कोर्ट का नोटिस

शिकायत के बाद मामला न्यायालय पहुंचा। सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने प्रशिक्षु IPS राहुल बंसल, एएसआई प्रवीण राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। शिकायतकर्ता ने तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की है।

IG बोले- अब तक राहुल बंसल के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं

सरगुजा रेंज IG दीपक झा ने आरोपों पर पुलिस का पक्ष रखते हुए कहा कि शिकायत में जिन मोबाइल नंबरों का उल्लेख किया गया है, वे राहुल बंसल के नंबर नहीं हैं। वहीं वायरल ऑडियो की आवाज भी राहुल बंसल की नहीं होने की बात सामने आई है।

IG के मुताबिक, अब तक की जांच में प्रशिक्षु IPS के खिलाफ रिश्वत मांगने या शिकायत में उनकी संलिप्तता का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है। हालांकि वायरल वीडियो, ऑडियो और संबंधित पुलिसकर्मियों के मोबाइल नंबरों की जांच अभी जारी है।

ASI और आरक्षक को पुलिस लाइन अटैच

जांच को प्रभावित होने से रोकने के लिए साइबर थाने में पदस्थ एएसआई प्रवीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा को पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया है। IG ने कहा कि जांच में जिसके खिलाफ जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

चूंकि मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है, इसलिए आगे की प्रक्रिया न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप तय की जाएगी।