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बस्तर में कामचोर ठेकेदारों पर सरकार की सर्जिकल स्ट्राइक, 6 ब्लैकलिस्ट; 2 के पंजीयन रद्द

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रायपुर। बस्तर में सड़कों और पुलों के निर्माण में लगातार देरी और बेहद धीमी प्रगति को लेकर लोक निर्माण विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है। काम पूरा करने में रुचि नहीं लेने वाले 6 ठेकेदारों के पंजीयन का नवीनीकरण रोक दिया गया है, जबकि इनमें से 2 ठेकेदारों के पंजीयन निरस्त कर दिए गए हैं। विभाग ने कार्रवाई की अवधि 2 से 5 साल तक तय की है।

बार-बार नोटिस के बाद भी नहीं सुधरा काम

लोक निर्माण विभाग के मुताबिक, संबंधित ठेकेदारों को अनुबंध के तहत काम पूरा करने के लिए कई बार नोटिस जारी किए गए। अनुबंध अवधि बढ़ाने और ठेकेदारों की ओर से शपथ पत्र दिए जाने के बावजूद निर्माण कार्यों में अपेक्षित तेजी नहीं आई।

सड़कों और पुल-पुलियों के काम में लगातार लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने अब पंजीयन के नवीनीकरण पर रोक लगाने और पंजीयन निरस्त करने की कार्रवाई की है।

इन 6 ठेकेदारों पर गिरी गाज

लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय की ओर से निम्न ठेकेदारों पर कार्रवाई की गई है—

के. मोहन रेड्डी — पंजीयन निरस्त, 5 साल तक नवीनीकरण पर रोक
मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा. — पंजीयन निरस्त, 5 साल तक नवीनीकरण पर रोक
मेसर्स राघवा कंस्ट्रक्शन — 5 साल तक नवीनीकरण पर रोक
मेसर्स शांति विजय कन्सट्रक्शन — 5 साल तक नवीनीकरण पर रोक
मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर — 2 साल तक नवीनीकरण पर रोक
मेसर्स पंकज हालदार — 5 साल तक नवीनीकरण पर रोक

सुकमा और नारायणपुर के इन प्रोजेक्ट्स पर था काम

सुकमा में चिंतलनार-मरियागुड़म, कोंटा-गोलापल्ली और भेज्जी-चिंतागुफा मार्ग से जुड़े निर्माण कार्यों में लापरवाही को लेकर कार्रवाई हुई है। वहीं नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा मार्ग और पुल-पुलिया निर्माण से जुड़े ठेकेदारों पर भी विभाग ने सख्ती दिखाई है।

हाईकोर्ट में सरकार ने दायर किया कैविएट

राज्य शासन ने इन कार्रवाईयों को लेकर बिलासपुर हाईकोर्ट में कैविएट भी दायर किया है। सरकार का स्पष्ट रुख है कि सार्वजनिक आवागमन और जनसुविधा से जुड़े निर्माण कार्यों में देरी और अनुबंध की शर्तों की अनदेखी को अब नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।