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सूरजपुर में पर्यटन को मिलेगी नई पहचान, कुदरगढ़ से रकसगण्डा तक बनेगा टूरिज्म सर्किट; रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर

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सूरजपुर। प्राकृतिक खूबसूरती, धार्मिक आस्था और जनजातीय संस्कृति से समृद्ध सूरजपुर को पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान दिलाने की तैयारी तेज हो गई है। पर्यटन स्थलों के विकास के साथ स्थानीय युवाओं और समुदायों के लिए रोजगार व स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से RAMP योजना के तहत 8 और 9 सितंबर को दो दिवसीय ‘Sector Specific Seminar on Tourism #DiscoverSurajpur’ का आयोजन किया गया।

कुदरगढ़ से जलप्रपात तक पर्यटन की अपार संभावनाएं

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व गृह मंत्री रामसेवक पैकरा ने सूरजपुर में पर्यटन की संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि कुदरगढ़ जैसे धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों को बेहतर सुविधाओं से विकसित कर स्थानीय लोगों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ा जा सकता है।

उन्होंने सूरजपुर की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक स्थलों और स्थानीय संस्कृति को इसकी सबसे बड़ी ताकत बताते हुए इनके बेहतर विकास और प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर जोर दिया।

सेमिनार में पर्यटन विशेषज्ञों ने साझा किए सुझाव

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों और जनजातीय समुदायों ने लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इसके बाद सूरजपुर के पर्यटन स्थलों और उनकी संभावनाओं पर प्रस्तुतियां दी गईं।

कार्यक्रम में सूरजपुर टूरिज्म पर आधारित वीडियो प्रदर्शित किया गया और ‘सूरजपुर टूरिज्म’ के लोगो का अनावरण किया गया। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और उद्यमियों ने पर्यटन विकास, रणनीति, स्थानीय व्यवसाय और उद्यमिता को बढ़ावा देने के विभिन्न पहलुओं पर विचार रखे।

इन्फ्लुएंसर्स ने देखी सूरजपुर की खूबसूरती

सेमिनार के बाद इन्फ्लुएंसर्स के दल को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों के भ्रमण के लिए रवाना किया गया। पहले दिन दल ने पहाड़गांव और केनापारा का भ्रमण किया। इसके बाद बांक के रेस्ट हाउस में कैंपिंग और जैमिंग नाइट में हिस्सा लिया।

दूसरे दिन दल ने कुदरगढ़ देवी धाम, लक्ष्मण पांव, सीता लेखनी और रकसगण्डा जलप्रपात का भ्रमण किया। इसके बाद जगरनाथपुर, प्रतापपुर ओपन माइंस, भैयाथान, भैसामुंडा और जगरनाथपुर माइंस का दौरा किया गया।

पर्यटन के जरिए स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की कवायद

#DiscoverSurajpur पहल के जरिए जिले के प्राकृतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और जनजातीय पर्यटन स्थलों को एक साथ जोड़कर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।

RAMP योजना के तहत आयोजित इस पहल का फोकस केवल पर्यटकों को आकर्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय युवाओं, छोटे व्यवसायों, MSMEs और समुदायों को पर्यटन से जोड़कर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करना भी है।

सूरजपुर के जलप्रपात, धार्मिक स्थल, जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक संपदा को बेहतर तरीके से विकसित और प्रचारित किया जाए तो यह जिला आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।