छत्तीसगढ़ में पहली बार नेशनल गेम्स की तैयारी तेज, 40वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करेगा राज्य; CM साय ने दिए आयोजन शुरू करने के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। लंबे इंतजार के बाद राज्य को 40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी मिलने वाली है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में शनिवार को छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की बैठक हुई, जिसमें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए गए।
सरकार का लक्ष्य सिर्फ बड़े आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर मंच, प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।
100 करोड़ की ‘उत्कृष्ट मिशन योजना’ से खेल प्रतिभाओं को मिलेगा मौका
प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए सरकार ने ‘उत्कृष्ट मिशन योजना’ शुरू की है। करीब 100 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है।
सरकार की कोशिश है कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकें।
CMO से अधिकारी की नियुक्ति
छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के कामकाज और आयोजन की तैयारियों में समन्वय बेहतर करने के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय (CMO) से एक अधिकारी की नियुक्ति भी की गई है। शनिवार की बैठक में संघ के उपाध्यक्ष एवं मंत्री केदार कश्यप समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
पहले भी दो बार मिली थी मेजबानी, लेकिन नहीं हो सका आयोजन
छत्तीसगढ़ को इससे पहले भी राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी का अवसर मिला था। वर्ष 2010 में भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने 37वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी छत्तीसगढ़ को दी थी। इसके बाद खेल अधोसंरचना का जायजा लेने के लिए टीम ने राज्य का दौरा किया था।
निरीक्षण के बाद रिपोर्ट में नेशनल गेम्स के आयोजन के लिए राज्य की तैयारियों को अपर्याप्त बताया गया था। इसके बाद 39वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी गुजरात को सौंप दी गई।
अब 40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ के पास है। ऐसे में सरकार आयोजन की तैयारियों के साथ-साथ खेल अधोसंरचना और खिलाड़ियों के विकास पर भी विशेष फोकस कर रही है।





