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CG Politics: PM आवास पर 80 मिनट आमने-सामने रहे भूपेश बघेल-विजय शर्मा, आंकड़ों पर छिड़ी महाबहस; प्रेस क्लब में कई बार हुआ ‘नारा युद्ध’

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रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत मंगलवार को रायपुर प्रेस क्लब में आमने-सामने आ गई। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के बीच करीब 80 मिनट तक तीखी बहस चली। दोनों नेताओं ने PM आवास से जुड़े आंकड़े सामने रखते हुए एक-दूसरे के दावों पर सवाल उठाए और आरोप-प्रत्यारोप किए। बहस के दौरान प्रेस क्लब का माहौल कई बार नारों से गूंज उठा।

18 लाख मकानों के वादे का बघेल ने उठाया सवाल

महाबहस में भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि चुनाव के दौरान छत्तीसगढ़ के लिए कुल 18 लाख प्रधानमंत्री आवास देने का वादा किया गया था।

उन्होंने कहा कि सरकार की पहली कैबिनेट में 11 लाख और बाद में 3 लाख मकानों को मंजूरी दी गई। ऐसे में बाकी 4 लाख मकान कहां हैं, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।

बघेल ने यह भी दावा किया कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ आकर 10 लाख मकानों की स्वीकृति की बात कही थी। उनके मुताबिक इन आंकड़ों को जोड़ने पर संख्या 28 लाख तक पहुंचती है, लेकिन सवाल यह है कि इनमें से कितने मकान वास्तव में जमीन पर दिखाई दे रहे हैं।

‘कांग्रेस सरकार के समय केंद्र ने रोका था पैसा’

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में केंद्र की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि रोकी गई थी। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मकान नहीं बने, तो जनता ने चुनाव में उसका जवाब दे दिया।बघेल ने सरकार से स्वीकृत मकानों और वास्तविक निर्माण की स्थिति को लेकर स्पष्ट आंकड़े सामने रखने की मांग की।

विजय शर्मा ने पेश किए 2024-25 के आंकड़े

भूपेश बघेल के आरोपों पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने 2024-25 के आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए पलटवार किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से 10 लाख 42 हजार 797 आवास दिए गए हैं, जिनमें से छत्तीसगढ़ सरकार ने 10 लाख 26 हजार 586 आवास लिए हैं।

विजय शर्मा ने कांग्रेस पर PM आवास योजना को लेकर लोगों को भ्रमित करने का आरोप लगाया और कहा कि केंद्र से कोरोना काल के दौरान भी राशि आती रही थी।

‘Grok से पूछ लीजिए, सच बता देगा’

बहस के दौरान विजय शर्मा ने भूपेश बघेल पर तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि अगर आंकड़ों को लेकर कोई भ्रम है तो उसकी सच्चाई जानने के लिए ‘Grok’ AI टूल से पूछा जा सकता है, जो सही आंकड़े बता देगा।इस टिप्पणी के बाद बहस का माहौल और गर्म हो गया और दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच नारेबाजी तेज हो गई।

समर्थकों के बीच कई बार हुआ नारा युद्ध

खुली बहस में भाजपा और कांग्रेस दोनों के कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद थे। अपने-अपने नेताओं के समर्थन में कार्यकर्ताओं ने लगातार नारे लगाए। कई मौकों पर दोनों पक्षों की नारेबाजी आमने-सामने होती नजर आई।

करीब 80 मिनट चली इस बहस के बाद PM आवास योजना को लेकर दोनों दलों के बीच सियासी बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं। अब बहस में पेश किए गए आंकड़ों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सोशल मीडिया पर भी वार-पलटवार शुरू हो गया है।