Abhijeet Dipke: रिहाई के बाद बोले अभिजीत दिपके- आंदोलन जारी रहेगा, सीजेपी न पीछे हटेगी न डरेगी

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संयोजक अभिजीत दिपके ने हिरासत से रिहाई के बाद साफ कर दिया है कि उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने ऐसा कोई बांड नहीं भरा है, जिसमें प्रदर्शन नहीं करने की शर्त रखी गई हो। रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए दिपके ने कहा कि सीजेपी के कार्यकर्ता दोबारा सड़कों पर उतरेंगे।
उनका यह बयान उन खबरों के बीच आया है, जिनमें कहा गया था कि दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को 50 हजार रुपये के मुचलके पर रिहा किया गया है।
‘सीजेपी न पीछे हटेगी, न डराई जा सकेगी’
अभिजीत दिपके ने अपनी पोस्ट में कहा कि सीजेपी अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन को डराया नहीं जा सकता। इससे पहले रविवार को उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए 10 अक्टूबर को “इस तानाशाही के अंत की शुरुआत” के रूप में याद किए जाने की बात कही थी।
एक दिन पहले सीजेपी के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया था। इसी दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था।
दादी के निधन के बीच गांव लौट रहे दिपके
आंदोलन के बीच अभिजीत दिपके के परिवार में शोक की स्थिति है। उनकी दादी सावित्रीबाई शंकरराव दिपके का 85 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के संतुक पिंपरी गांव में रहती थीं।
बताया गया कि लंबे समय से बीमारी और उम्र संबंधी समस्याओं के कारण उनकी तबीयत खराब चल रही थी। दिपके ने बताया कि दादी के निधन की सूचना मिलने के बाद वह परिवार के साथ रहने के लिए अपने गांव लौट रहे हैं।
रिहाई के बाद सीजेपी ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
हिरासत से रिहाई के बाद सीजेपी की ओर से रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की गई। पार्टी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह के मुताबिक, अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने के बाद रिहा किया गया।
रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि तीनों को सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन देने की शर्त पर रिहा किया गया। उनके मुताबिक, तीनों को एक साल तक शांति भंग नहीं करने की शर्त के साथ छोड़ा गया है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान हुई थी हिरासत
शनिवार को जंतर-मंतर पर सीजेपी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया था। प्रदर्शनकारियों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही थी। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में करीब एक हजार लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, माकपा नेता पिनराई विजयन और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी समेत विपक्ष के कई नेता भी शामिल थे।




