Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में बड़ा एक्शन, सभी आरोपियों पर लगा मकोका; बिश्नोई गैंग से कनेक्शन का आरोप

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़ी 18 अक्टूबर को हुई गोलीबारी की घटना में मुंबई पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। मामले में गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ मंगलवार, 27 अक्टूबर को महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) की सख्त धाराएं लगाई गईं। पुलिस के मुताबिक, सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है। जांच में आरोपियों के कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने की बात भी सामने आई है।
19 अक्टूबर को दर्ज हुई थी FIR
समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, मुंबई पुलिस ने इस मामले में 19 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद 27 अक्टूबर को मकोका लगाने की मंजूरी मिली।
आधिकारिक बयान के अनुसार, डीसीबी सीआईडी के क्राइम नंबर 143/26 में मकोका के प्रावधान लागू किए गए हैं। पुलिस ने कहा कि मामले की आगे की जांच जारी है।
एक्सटॉर्शन और गैंग का दबदबा बनाने के लिए फायरिंग का आरोप
मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच के मुताबिक, फायरिंग के पीछे कथित तौर पर पैसे ऐंठने, गैंग का प्रभाव बढ़ाने और लोगों के बीच डर पैदा करने का मकसद था।
पुलिस का आरोप है कि टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाकर गैंग ने अपना दबदबा कायम करने और एक्सटॉर्शन के जरिए पैसे कमाने की कोशिश की। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर एक संगठित अपराध सिंडिकेट के सक्रिय सदस्य के रूप में काम कर रहे थे।
दिल्ली और मुंबई तक फैले नेटवर्क की जांच
जांचकर्ताओं का मानना है कि गोलीबारी की घटना किसी एक व्यक्ति की अलग-थलग कार्रवाई नहीं थी, बल्कि यह एक योजनाबद्ध आपराधिक साजिश का हिस्सा हो सकती है। पुलिस के अनुसार, इस साजिश में कथित तौर पर गैरकानूनी और जानलेवा हथियारों का इस्तेमाल किया गया।
जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि साजिश को दिल्ली और मुंबई समेत कई स्थानों पर फैले अंतरराज्यीय नेटवर्क के जरिए अंजाम देने के लिए समन्वय किया गया था।
फिलहाल, मुंबई पुलिस मामले की कड़ियों को जोड़ने और आरोपियों की कथित भूमिका की जांच में जुटी है। बिश्नोई गैंग से संबंध और फायरिंग के पीछे के मकसद को लेकर पुलिस के आरोप जांच का हिस्सा हैं।




