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राघव चड्ढा का आरोप: “पार्टी में काम करना मुश्किल, माहौल बन गया टॉक्सिक”

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चंडीगढ़। चंडीगढ़। सांसद राघव चड्ढा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि राजनीति में आने से पहले वह चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) थे और उनके पास एक अच्छा करियर विकल्प मौजूद था, लेकिन उन्होंने उसे छोड़कर राजनीति का रास्ता चुना। उनका कहना है कि वे राजनीति को करियर बनाने के लिए नहीं आए, बल्कि एक राजनीतिक पार्टी के संस्थापक सदस्य के रूप में जुड़े और अपने युवा जीवन के लगभग 15 साल उस पार्टी को दिए।

उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने अपनी मेहनत, समय और समर्पण से इस पार्टी को मजबूत किया, लेकिन समय के साथ यह पार्टी पहले जैसी नहीं रही। उनके अनुसार, अब पार्टी के अंदर काम करने का माहौल ठीक नहीं है—जहां कार्यकर्ताओं को खुलकर काम करने और संसद में अपनी बात रखने से रोका जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अब कुछ लोगों के नियंत्रण में आ गई है, जो देशहित से ज्यादा निजी हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

मेरे विचार पार्टी के विचारों से मेल नहीं खाते
राघव चड्ढा ने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों से उन्हें यह महसूस हो रहा था कि शायद वे ऐसी पार्टी में हैं जो उनके विचारों से मेल नहीं खाती। उनके सामने तीन विकल्प थे—पहला राजनीति छोड़ देना, दूसरा पार्टी में रहकर बदलाव की कोशिश करना, और तीसरा अपनी ऊर्जा के साथ किसी अन्य राजनीतिक मंच से सकारात्मक राजनीति करना।

इस वजह से लिए पार्टी से अलग होने का फैसला
उन्होंने बताया कि इसी सोच के चलते उन्होंने और उनके साथ कुछ अन्य लोगों ने यह निर्णय लिया कि वे इस पार्टी से अलग होकर आगे का रास्ता चुनेंगे। उनका कहना था कि अगर एक व्यक्ति गलत हो सकता है, लेकिन कई लोग एक जैसा निर्णय लें तो उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे किसी व्यक्ति का कार्यस्थल तनावपूर्ण और असहज हो जाए तो वहां काम करना मुश्किल हो जाता है, वैसे ही उन्होंने भी उसी स्थिति में यह निर्णय लिया।
अंत में उन्होंने कहा कि वे जनता के मुद्दों को पहले की तरह ही मजबूती से उठाते रहेंगे और अब उनके पास समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करने का और बेहतर अवसर होगा।