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केरल में शिगेला संक्रमण का खतरा बढ़ा, 4 वर्षीय बच्चे की मौत; स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर

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० 126 मामलों की पुष्टि, बच्चों में संक्रमण का बढ़ता खतरा; उबला पानी पीने और स्वच्छता बरतने की अपील

तिरुवनंतपुरम। केरल में एक बार फिर संक्रामक बीमारी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। राज्य में तेजी से फैल रहे शिगेला संक्रमण (शिगेलोसिस) के बीच एक 4 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राज्य में अब तक शिगेला संक्रमण के 126 मामले सामने आ चुके हैं, जिसके बाद निगरानी और बचाव उपायों को और सख्त कर दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शिगेला संक्रमण से पीड़ित तीन बच्चों को भर्ती कराया गया था। इनमें से दो बच्चों की हालत में सुधार होने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई, जबकि थलाकुलथुर की रहने वाली 4 वर्षीय नीला की उपचार के दौरान मौत हो गई।

स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने बताया कि संक्रमण के मामलों को देखते हुए राज्यभर में विशेष निगरानी रखी जा रही है। लोगों से केवल उबला और ठंडा किया हुआ पानी पीने, साफ-सफाई बनाए रखने और दूषित जल स्रोतों से बचने की अपील की गई है।

इस बीच वायनाड और आसपास के क्षेत्रों में भी छात्रों के बीच पेट संबंधी बीमारियों की जांच की जा रही है। सुल्तान बथेरी क्षेत्र के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के 164 छात्रों में उल्टी और दस्त जैसे लक्षण पाए गए हैं। हालांकि इन मामलों का शिगेला संक्रमण से संबंध है या नहीं, इसकी जांच जारी है।

क्या है शिगेला संक्रमण?

शिगेला संक्रमण, जिसे शिगेलोसिस भी कहा जाता है, एक बैक्टीरियल बीमारी है जो शिगेला नामक बैक्टीरिया के कारण होती है। यह बड़ी आंत को प्रभावित करती है और गंभीर दस्त, पेट दर्द, बुखार तथा कमजोरी जैसी समस्याएं पैदा कर सकती है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में इसका खतरा अधिक माना जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार दूषित पानी, अस्वच्छ भोजन और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से यह बीमारी तेजी से फैल सकती है। स्वच्छता की कमी वाले क्षेत्रों में इसके प्रकोप की आशंका अधिक रहती है।

क्यों बढ़ रहा है खतरा?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण भारत के कई राज्यों में जंगलों और मानव बस्तियों के बढ़ते संपर्क, शहरीकरण और पर्यावरणीय बदलावों के कारण संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ रहा है। केरल में पहले भी निपाह वायरस, हेपेटाइटिस-ए, लेप्टोस्पायरोसिस और अन्य संक्रमणों के मामले सामने आते रहे हैं।

फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने और लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।