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बुनकर परिवारों को बड़ी सौगात: मेधावी विद्यार्थियों के खातों में 69.39 लाख की प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशन और ग्रामोद्योग मंत्री  गजेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश के बुनकर परिवारों के मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन राशि जारी की गई है। ग्रामोद्योग विभाग के सचिव सह प्रबंध संचालक श्री राजेश सिंह राणा (आईएएस) द्वारा वर्ष 2024-25 के लिए कुल 69.39 लाख रुपये की राशि सीधे विद्यार्थियों के खातों में आरटीजीएस के माध्यम से हस्तांतरित की गई।

इस योजना के तहत कक्षा 10वीं के 430 विद्यार्थियों को 35.27 लाख रुपये, कक्षा 12वीं के 359 विद्यार्थियों को 32.40 लाख रुपये तथा उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे दो विद्यार्थियों को 40 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इसके अलावा 12 जिलों के चयनित दलित बुनकरों को वरिष्ठ बुनकर प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में 1.32 लाख रुपये वितरित किए गए।

राज्य हाथकरघा संघ द्वारा स्वयं के संसाधनों से संचालित कल्याणकारी योजनाओं के तहत बुनकर परिवारों के प्रतिभावान विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहन दिया जाता है। साथ ही आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में बुनकर परिवारों को 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है।

प्रदेश के बुनकरों को आर्थिक संबल देने के लिए मई माह में 7.55 करोड़ रुपये और जून 2026 में 6.15 करोड़ रुपये की बुनाई पारिश्रमिक राशि सीधे बुनकर समितियों के खातों में भेजी गई है। वहीं गणवेश सिलाई कार्य से जुड़े 1,973 महिला स्व-सहायता समूहों को मई 2026 में 6.50 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इसके अलावा छह बुनकर परिवारों को पारिवारिक आर्थिक सहायता योजना के तहत 1.20 लाख रुपये की अनुदान राशि प्रदान की गई।

बुनकरों के उत्पादों को राष्ट्रीय और ऑनलाइन बाजार तक पहुंचाने के उद्देश्य से कोसा और कॉटन वस्त्रों में नवीन डिजाइन विकास, मूल्य संवर्धन और ऑनलाइन मार्केटिंग को बढ़ावा देने के लिए दो डिजाइनर और एक मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव की नियुक्ति भी की गई है। इससे प्रदेश के बुनकरों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।