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नकटी गांव पर सियासी ‘बुलडोजर’: भाजपा बोली- कांग्रेस ने लिखी स्क्रिप्ट, भूपेश का पलटवार- बेघर BJP कर रही

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रायपुर। रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अब राजनीतिक संग्राम में बदल गई है। बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। भाजपा ने पूरे मामले की जिम्मेदारी कांग्रेस सरकार पर डालते हुए दावा किया कि इस कार्रवाई की नींव भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में ही रखी गई थी। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा पर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाते हुए पलटवार किया है।

भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कंडेय ने प्रेसवार्ता में कहा कि वर्ष 2020 में हाउसिंग बोर्ड ने नियमानुसार जमीन की मांग की थी और उसी दौरान कॉलोनी विकसित करने की प्रक्रिया शुरू हुई। सर्वे में करीब तीन हेक्टेयर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण पाया गया था। भाजपा का आरोप है कि वर्ष 2023 के बाद इस क्षेत्र में अवैध कब्जे तेजी से बढ़े और कई लोगों ने जरूरत से कई गुना अधिक जमीन पर कब्जा कर लिया।

भाजपा ने कांग्रेस से सवाल किया कि क्या वह अवैध कब्जों का समर्थन करती है? पार्टी का दावा है कि कार्रवाई से पहले करीब एक साल तक नोटिस दिए गए, लोगों को समझाया गया और पुनर्वास की प्रक्रिया भी चलाई गई। भाजपा के अनुसार, प्रभावित 61-62 परिवारों में से 29 परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है, जबकि बाकी पात्र परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया जारी है।

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कभी भी लोगों के घर उजाड़ने की योजना नहीं बनाई। उनके मुताबिक, विधायकों के लिए प्लॉट आवंटन का प्रस्ताव जरूर था, लेकिन ऐसी जगह का चयन किया गया था जहां किसी भी परिवार का मकान प्रभावित न हो। भूपेश ने आरोप लगाया कि मौजूदा भाजपा सरकार ही लोगों को बेघर कर रही है और अब अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए कांग्रेस पर आरोप लगा रही है।

नकटी गांव का मुद्दा अब अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से आगे बढ़कर प्रदेश की राजनीति का बड़ा केंद्र बन चुका है। दोनों प्रमुख दल एक-दूसरे पर आरोपों की बौछार कर रहे हैं, जबकि प्रभावित परिवारों का भविष्य अभी भी सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है।