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स्मार्ट मीटर के खिलाफ कांग्रेस का बिगुल, 2 महीने चलेगा जनआंदोलन; सीएम हाउस घेराव का ऐलान

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0 पीसीसी चीफ दीपक बैज बोले- स्मार्ट मीटर बना ‘लूट का मीटर’, 400 यूनिट तक हाफ बिजली योजना बहाल करने समेत कई मांगें

रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर और बढ़ते बिजली बिल को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता कर स्मार्ट मीटर और महंगी बिजली के खिलाफ दो महीने तक प्रदेशव्यापी जनआंदोलन चलाने का ऐलान किया। कांग्रेस 1 अगस्त से आंदोलन की शुरुआत करेगी और अंतिम चरण में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी।

दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की जनता महंगे बिजली बिल से परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर अब ‘लूट का मीटर’ बन चुका है, जिससे उपभोक्ताओं पर हजारों रुपये के बिजली बिल का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ बिजली उत्पादन में सरप्लस राज्य होने के बावजूद जनता को इसका लाभ नहीं मिल रहा और लगातार बिजली दरों में बढ़ोतरी की जा रही है।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें

कांग्रेस ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें 400 यूनिट तक हाफ बिजली बिल योजना को दोबारा लागू करने, स्मार्ट मीटर को तत्काल हटाने और इसे अनिवार्य की बजाय ऐच्छिक बनाने की मांग शामिल है। बैज ने आरोप लगाया कि लोगों के घरों में जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए।

गांव से राजधानी तक होगा आंदोलन

कांग्रेस के अनुसार, 1 अगस्त से सभी जिलों में प्रेसवार्ता के साथ आंदोलन की शुरुआत होगी। इसके बाद कार्यकर्ता घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर और महंगी बिजली के विरोध में लोगों से समर्थन पत्र भरवाएंगे। पंचायत, ब्लॉक, जिला और प्रदेश स्तर पर चरणबद्ध प्रदर्शन किए जाएंगे। दो महीने के आंदोलन के बाद मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा।

दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि “स्मार्ट मीटर महतारी वंदन पैसा वसूल योजना बन गया है” और सरकार को इसे तत्काल वापस लेना चाहिए। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।