मोहला-मानपुर में फिर बाघ की दस्तक: खेत में बैल पर हमला, वनकर्मियों का भी हुआ आमना-सामना

मोहला-मानपुर। छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर जिले में एक बार फिर बाघ की सक्रियता ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। मानपुर ब्लॉक के औंधी (नवागांव) उप वन परिक्षेत्र के निडेली गांव में गुरुवार को बाघ ने खेत में चर रहे एक बैल पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बैल का वन विभाग ने इलाज कराया, लेकिन गहरे जख्मों के कारण उसकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, किसान दसरू राम खेत में जोताई कर रहे थे। इसी दौरान खेत से कुछ दूरी पर मौजूद उनके बैल पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया। शोर सुनकर ग्रामीण मौके की ओर दौड़े, जिसके बाद बाघ जंगल की ओर भाग गया।
वनकर्मियों के सामने भी आया बाघ
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान घटनास्थल से बाघ के पगमार्क मिले, जिससे हमले की पुष्टि हुई। गश्त के दौरान वनकर्मियों का भी बाघ से बेहद नजदीक आमना-सामना हुआ। हालांकि सतर्कता बरतते हुए वनकर्मी सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
वन विभाग ने मृत बैल को जंगल के किनारे रखकर उसके आसपास ट्रैप कैमरे लगाए हैं, ताकि बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके।

दो महीने में तीसरी बार मवेशी बना शिकार
वन विभाग के मुताबिक, औंधी क्षेत्र में पिछले एक वर्ष से बाघ की आवाजाही लगातार देखी जा रही है। निडेली गांव के आसपास पिछले दो महीनों में यह तीसरी घटना है, जब बाघ ने मवेशी को अपना शिकार बनाया है। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
ग्रामीण ने बेहद करीब से देखा बाघ
ग्रामीण शेर सिंह ने बताया कि घटना के दौरान उन्होंने खेत के पास एक पत्थर पर बैठे बाघ को बेहद करीब से देखा। बाघ अपनी पूंछ हिला रहा था। स्थिति को भांपते हुए उन्होंने अपने साथ मौजूद कुत्तों को आगे बढ़ाया और तेज आवाजें निकालकर बाघ को डराने की कोशिश की। कुछ देर बाद बाघ जंगल की ओर लौट गया।
डीएफओ ने किया निरीक्षण, मुआवजे की प्रक्रिया शुरू
घटना की सूचना मिलने पर वन मंडलाधिकारी (DFO) दिनेश पटेल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों और पशु मालिक से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली।
डीएफओ ने बताया कि मृत मवेशी के लिए मुआवजा प्रकरण तैयार कर लिया गया है। साथ ही ग्रामीणों को जंगल और खेतों में अकेले न जाने, रात के समय विशेष सतर्कता बरतने और बाघ दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने की सलाह दी गई है।
वन विभाग की टीमें गुरुवार देर रात तक इलाके में गश्त करती रहीं और बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।





