10 साल की उपलब्धियों का जश्न, ISBM विश्वविद्यालय ने छत्तीसगढ़ के 50 उत्कृष्ट शिक्षकों को ‘टीचर लीडरशिप अवॉर्ड’ से नवाजा

रायपुर। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आईएसबीएम विश्वविद्यालय ने अपनी स्थापना के 10 वर्ष पूरे कर लिए हैं। विश्वविद्यालय के 10वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के 50 उत्कृष्ट शिक्षकों को ‘टीचर लीडरशिप अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया।
रायपुर, भिलाई, दुर्ग, राजनांदगांव, डौंडीलोहारा और छुरिया समेत प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से चयनित शिक्षकों को भावी पीढ़ी के निर्माण में उनके समर्पण, सेवाओं और योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
‘शिक्षक ही सच्चे राष्ट्र निर्माता’
विश्वविद्यालय के संस्थापक एवं कुलाधिपति डॉ. विनय अग्रवाल ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षण समुदाय के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किए बिना विश्वविद्यालय का 10वां स्थापना दिवस पूर्ण नहीं हो सकता।
समारोह का आयोजन कुलपति डॉ. आनंद महलवार के नेतृत्व में शिक्षकों, प्रशासनिक टीम और विद्यार्थियों के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में नारायण चंदेल, डॉ. सलीम राज और कर्नल डॉ. उमेश मिश्रा सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा के प्रयासों की सराहना
नारायण चंदेल ने शिक्षक दिवस के महत्व और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए डॉ. विनय अग्रवाल के प्रयासों की सराहना की। विशेष रूप से गरियाबंद स्थित आईएसबीएम परिसर के माध्यम से शिक्षा के विस्तार को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने और निरंतर मेहनत व समर्पण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
AI पर बढ़ती निर्भरता को लेकर जताई चिंता
कर्नल डॉ. उमेश मिश्रा ने गरियाबंद परिसर द्वारा जनजातीय क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन और स्वतंत्र सोच को मजबूत करना आज की बड़ी जरूरत है।
उन्होंने छोटे-छोटे कार्यों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर बढ़ती निर्भरता को लेकर चिंता जताते हुए शिक्षकों से ऐसे शिक्षण तरीकों को अपनाने की अपील की, जिससे विद्यार्थियों में स्वतंत्र सोच, आलोचनात्मक दृष्टिकोण और व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा मिले।
अगले दशक के लिए नई उम्मीदें
समारोह के समापन पर अतिथियों ने आईएसबीएम विश्वविद्यालय की 10 वर्षों की यात्रा और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने डॉ. विनय अग्रवाल के नेतृत्व और शिक्षा के प्रति समर्पण की प्रशंसा करते हुए विश्वविद्यालय को आगामी दशक में निरंतर प्रगति और सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।





