गणेश चतुर्थी पर घर में ऐसे करें बप्पा का स्वागत, मूर्ति स्थापना से लेकर सजावट तक इन बातों का रखें ध्यान

गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। मान्यता है कि भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणपति बप्पा का जन्म हुआ था। इस दिन भक्त पूरे उत्साह के साथ गणेशजी की प्रतिमा घर लाकर उनकी विधि-विधान से स्थापना करते हैं।
हालांकि, बप्पा को घर लाने और उनकी स्थापना से पहले कुछ परंपरागत नियमों का ध्यान रखना शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं गणेश चतुर्थी पर घर की सजावट, प्रतिमा के आसन और स्थापना से जुड़ी खास बातें।
घर सजाते समय इन रंगों का करें इस्तेमाल
गणेश चतुर्थी पर बप्पा के स्वागत के लिए घर को सजाने में लाल, पीले और हरे रंग का इस्तेमाल शुभ माना जाता है। इन रंगों से घर में पूजा का माहौल और भी आकर्षक बनाया जा सकता है। वहीं, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा स्थल की सजावट में बहुत गहरे रंगों, खासकर काले और गहरे नीले रंग के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी जाती है।
मुख्य द्वार पर बनाएं रंगोली और लगाएं तोरण
बप्पा के स्वागत के लिए घर के मुख्य द्वार को विशेष रूप से सजाया जाता है। दरवाजे पर आम के पत्तों का तोरण लगाया जा सकता है। इसके साथ स्वास्तिक का चिह्न बनाना और रंगोली सजाना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर का वातावरण सकारात्मक और मंगलमय बना रहता है।
मूर्ति घर लाते समय रखें इन बातों का ध्यान
गणपति की प्रतिमा घर लाने से पहले स्नान करके साफ कपड़े पहनने की परंपरा है। इसके बाद श्रद्धा के साथ बप्पा की प्रतिमा घर लाई जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार प्रतिमा को घर लाते समय उनकी आंखों पर लाल कपड़ा बांधा जा सकता है।
घर पहुंचने पर पुष्पवर्षा और गणपति बप्पा के जयकारों के साथ उनका स्वागत किया जाता है।
बप्पा की स्थापना के लिए कैसी हो चौकी?
गणेशजी की प्रतिमा स्थापित करने के लिए लकड़ी की चौकी का इस्तेमाल करना शुभ माना जाता है। चौकी को घर की ईशान दिशा यानी उत्तर-पूर्व या उत्तर दिशा में रखने की परंपरा है।
चौकी पर साफ लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाकर उसके ऊपर गणपति की प्रतिमा स्थापित की जा सकती है।
गणेशजी की प्रतिमा स्थापित करते समय ध्यान रखें
प्रतिमा स्थापित करते समय इस बात का ध्यान रखें कि गणपति जी का मुख सामने की ओर हो और उनका पिछला हिस्सा पूजा करने वाले की ओर न रहे। जिस स्थान पर बप्पा की स्थापना करनी हो, वहां पहले स्वास्तिक बनाकर उसके ऊपर चावल और फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है।इसके बाद विधि-विधान से पूजा कर गणपति बप्पा का आह्वान करें और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें।




