Bilaspur News: बर्खास्त GRP आरक्षक की संपत्ति का खुलासा, आय से 1.03 करोड़ ज्यादा खर्च; ACB ने कोर्ट में पेश किया अभियोग पत्र

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। बिलासपुर ACB ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में जीआरपी के बर्खास्त आरक्षक लक्ष्मण गाईन के खिलाफ विशेष न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया है। जांच में आरोपी की ज्ञात आय के मुकाबले 1 करोड़ 3 लाख 33 हजार 33 रुपये 50 पैसे अधिक संपत्ति/व्यय पाए जाने का उल्लेख है। आय और खर्च का विस्तृत विश्लेषण करने के बाद ACB ने यह कार्रवाई की है।
86.76 लाख की आय, खर्च 1.90 करोड़ रुपये
ACB की जांच के अनुसार, लक्ष्मण गाईन की जांच अवधि में कुल आय 86,76,270 रुपये पाई गई। वहीं, इसी अवधि में उनका कुल व्यय 1,90,09,303.50 रुपये दर्ज किया गया। इस तरह आय की तुलना में 1,03,33,033.50 रुपये अधिक खर्च पाया गया।
आय से अधिक संपत्ति अर्जित किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 58/2024 दर्ज किया गया था। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संशोधित धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई।
घर समेत कई ठिकानों पर ACB की छापेमारी
मामले की जांच के दौरान ACB ने 1 दिसंबर 2024 को लक्ष्मण गाईन के बिलासपुर स्थित निवास सहित अन्य ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान आय, व्यय और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों एवं अन्य जानकारियां जुटाई गईं।
विवेचना के दौरान आय से अधिक संपत्ति से संबंधित पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद ACB ने विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, बिलासपुर की अदालत में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया है।
गांजा तस्करी के मामले में भी आरोपी
लक्ष्मण गाईन के खिलाफ गांजा तस्करी से जुड़ा एक अन्य मामला भी दर्ज है। आरोप है कि जीआरपी बिलासपुर में पदस्थापना के दौरान उन्होंने अन्य आरक्षकों के साथ मिलकर ट्रेनों में गांजा तस्करी करने वालों को पकड़ा, लेकिन जब्त गांजे को अपने पास रख लिया।
आरोप यह भी है कि एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं करने के एवज में संबंधित लोगों से पैसे वसूले गए और रकम आपस में बांटी गई। इस मामले में जीआरपी थाना बिलासपुर में अपराध क्रमांक 117/2024 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) और 29 में मामला दर्ज किया गया था।
बाद में प्रकरण की विवेचना एसीसीयू, जिला बिलासपुर को सौंपी गई। जांच पूरी होने के बाद एसीसीयू ने चालान क्रमांक 46-ए/2024 विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस एक्ट, बिलासपुर के न्यायालय में पेश किया था।
नवंबर 2024 में पुलिस सेवा से किया गया था बर्खास्त
गांजा तस्करी से जुड़े आपराधिक मामले और सामने आए आरोपों के बाद पुलिस अधीक्षक रेल, छत्तीसगढ़ ने 19 नवंबर 2024 को लक्ष्मण गाईन को सेवा से पृथक कर दिया था। वर्तमान में वह गांजा तस्करी से जुड़े मामले में बिलासपुर जेल में निरुद्ध है।
अब आय से अधिक संपत्ति के मामले में ACB की ओर से अभियोग पत्र पेश किए जाने के बाद इस प्रकरण में भी न्यायालयीन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।




