छत्तीसगढ़ में SIR पर सियासी घमासान: भूपेश बघेल का बड़ा आरोप- नगर निकायों में हजारों मतदाताओं के वार्ड बदले, हाईकोर्ट जाने की चेतावनी

भिलाई, रिसाली, भिलाई-चरोदा और जामुल की प्रारंभिक मतदाता सूची पर कांग्रेस ने उठाए सवाल; 30 अक्टूबर तक आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया
दुर्ग। छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुर्ग जिले के नगरीय निकायों की प्रारंभिक मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के वार्ड बदलने का आरोप लगाया है। उन्होंने भिलाई, रिसाली, भिलाई-चरोदा नगर निगम और जामुल नगर पालिका की मतदाता सूची में गड़बड़ी का दावा करते हुए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। बघेल ने चेतावनी दी कि यदि दर्ज आपत्तियों का समाधान नहीं किया गया तो कांग्रेस इस मामले को लेकर हाईकोर्ट जाएगी।
भिलाई नगर निगम में कई वार्डों में मतदाता स्थानांतरण का दावा
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता में आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि भिलाई नगर निगम की प्रारंभिक मतदाता सूची में कई वार्डों के मतदाताओं के नाम दूसरे वार्डों में स्थानांतरित किए गए हैं।
उनके मुताबिक, वार्ड 3 से 5 में 192, वार्ड 5 से 3 में 493, वार्ड 9 से 10 में 721 और वार्ड 9 से 11 में 556 मतदाताओं के नाम स्थानांतरित किए गए हैं। इसी तरह वार्ड 15 से 14 में 232, वार्ड 17 से 18 में 316 और वार्ड 59 से 60 में 228 मतदाताओं के स्थानांतरण का दावा किया गया है।
रिसाली और भिलाई-चरोदा की सूची पर भी उठाए सवाल
बघेल ने रिसाली नगर निगम की मतदाता सूची में भी बदलाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि वार्ड 3 से 4 में 250, वार्ड 25 से 24 में 358 और वार्ड 26 से 31 में 416 मतदाताओं के नाम स्थानांतरित किए गए हैं।
वहीं, भिलाई-चरोदा नगर निगम में वार्ड 2 से 3 में 202 और वार्ड 22 से 23 में 304 मतदाताओं के नाम दूसरे वार्ड में जाने का दावा किया गया। जामुल नगर पालिका के वार्ड 20 से 19 में भी 196 मतदाताओं के स्थानांतरण का आरोप लगाया गया है।
30 अक्टूबर तक आपत्तियां दर्ज कराने का मौका
पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रारंभिक मतदाता सूची को लेकर 30 अक्टूबर तक आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन कथित गड़बड़ियों को लेकर आपत्ति दर्ज कराएगी और मतदाताओं के नामों की सही स्थिति सुनिश्चित करने की मांग करेगी।
बघेल ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि आपत्तियों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई और समस्या का समाधान नहीं किया गया तो पार्टी न्यायालय का रुख करेगी।





