Chhattisgarh Assembly: डिजिटल होगी छत्तीसगढ़ विधानसभा, पेपरलेस कार्यप्रणाली की दिशा में बड़ा कदम; अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा को अब डिजिटल और पेपरलेस बनाने की दिशा में पहल तेज हो गई है। विधायी कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में विधानसभा में 3 और 4 नवंबर 2026 को आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसमें अधिकारियों और कर्मचारियों को नेवा प्लेटफॉर्म के तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगी विधायी कार्यवाही
विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विधायी प्रक्रियाओं में डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देना था। इसके जरिए अधिकारियों और कर्मचारियों को नेवा की विभिन्न सुविधाओं और मॉड्यूल के प्रभावी उपयोग के लिए प्रशिक्षित किया गया।
प्रश्न और समिति मॉड्यूल की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय (MoPA) के नेवा समन्वयक अमन गौतम और श्रीधर स्वामी ने एप्लीकेशन के विभिन्न मॉड्यूल की विस्तृत जानकारी दी। इसमें एडमिन मॉड्यूल, प्रश्न मॉड्यूल और समिति मॉड्यूल प्रमुख रहे।
प्रतिभागियों को डिजिटल माध्यम से प्रश्न एवं सूचनाएं प्रस्तुत करने, विधायी दस्तावेजों के प्रबंधन, सदन की कार्यवाही से जुड़ी जानकारियों के ऑनलाइन आदान-प्रदान और नेवा की अन्य सुविधाओं के इस्तेमाल का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
विधानसभा, चिप्स और एनआईसी के अधिकारियों ने लिया हिस्सा
इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा, चिप्स और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण के माध्यम से डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को लेकर तकनीकी दक्षता विकसित करने पर जोर दिया गया।
क्या है राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA)?
राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय की महत्वपूर्ण डिजिटल पहल है। इसका उद्देश्य देश की विधानसभाओं को आधुनिक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी से जोड़ना और विधायी कार्यों को डिजिटल एवं पेपरलेस स्वरूप प्रदान करना है।
इस व्यवस्था से विधायी दस्तावेजों का प्रबंधन आसान होगा। साथ ही प्रश्नों, सूचनाओं और सदन की कार्यवाही से संबंधित जानकारियों का ऑनलाइन आदान-प्रदान भी सुगम बनाया जा सकेगा।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम नेवा के प्रभावी क्रियान्वयन, तकनीकी क्षमता निर्माण और डिजिटल एवं पेपरलेस विधानसभा की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





