जानें कब है विवाह पंचमी? शुभ मुहूर्त में इन कार्यों को करने से मिलता है लाभ
यद्यपि सीताराम का विवाह, विवाह पंचमी, मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन हुआ था लेकिन वास्तविकता में जिस दिन भगवान श्रीराम ने शिव का धनुष तोड़ा था उसी दिन जनक की प्रतिज्ञा के अनुसार सीता राम की हो गईं थी। धर्मग्रंथों में वर्णन प्राप्त होता है कि भगवान राम द्वारा शिव का धनुष तोड़े जाने पर महामुनि विश्वामित्र ने महाराज जनक से कहा ‘यद्यपि सीता का विवाह धनुष टूटने के अधीन था और धनुष टूटते ही श्रीसीता राम का विवाह हो गया फिर भी महाराज दशरथ के पास संदेश देकर भेजा जाए और उन्हें बुलाकर विधिवत विवाह संपन्न कराया जाए’ जो कि विवाह पंचमी के दिन संपन्न हुआ था। […]



