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आईपीएस जीपी सिंह दो दिन की पुलिस रिमांड पर

रायपुर पुलिस ने जीपी सिंह को कोर्ट में पेश कर दिया है। कोर्ट में पेश करने से पहले एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के दफ्तर में डेढ़ घंटे तक उनसे पूछताछ की गई। एसीबी ने उन्हें कोर्ट में पेश कर 7 दिनों की रिमांड मांगी थी। जज के कमरे में जाने से पहले जीपी सिंह ने कहा कि मुझे फंसाया गया है, दे आर फैब्रीकेटेड केसेस। एफआईआर में आप देखोगे तो उसमें जो प्रॉपर्टी है हमारी प्रॉपर्टी है ही नहीं, न हमारा लेना देना है। करीब 45 मिनट तक अदालत में चली बहस के बाद दो दिन की पुलिस रिमांड का आदेश जारी कर दिया गया। दो पुलिस की कस्टडी में ही जीपी सिंह रहेंगे, इनसे पूछताछ की जाएगी।

रायपुर पुलिस ने मंगलवार को गुरुग्राम से जीपी सिंह को गिरफ्तार किया था। सड़क के रास्ते उन्हें रायपुर लाया गया था। इसके बाद उन्हें एंटी करप्शन ब्यूरो के दफ्तर लाया गया था। इस पूरी कार्रवाई में आधिकारिक तौर पर एंटी करप्शन ब्यूरो के अफसरों ने ये कबूला है कि जीपी सिंह पूरी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उन्हें कई बार पेश होने की नोटिस भेजा गया, मगर वो नहीं आए इसलिए उन्हें पकड़ा गया।

खबर है कि सुप्रीम कोर्ट के वकीलों से जीपी सिंह ने अपने ऊपर लगे राजद्रोह, आय से अधिक संपत्ति मामले में सलाह करने गए हुए थे। इसी दौरान पुलिस की एक टीम लगातार रायपुर से गुड़गांव तक जीपी सिंह का पीछा करते हुए पहुंची थी। मौका पाकर टीम ने जीपी सिंह को दबोच लिया था।कुछ साल पहले जीपी सिंह खुद एंटी करप्शन विभाग के चीफ थे। अफसर पर आरोप लगा है कि वो इस दौरान कुछ लोगों से अवैध वसूली करते थे, धमकाते थे और सरकार के खिलाफ किसी साजिश में शामिल थे।

चीफ जस्टिस ने कह दिया थाआपको राहत नहीं मिलेगी

अक्टूबर के महीने में चीफ जस्टिस एनवी रमना ने सुप्रीम कोर्ट में जीपी सिंह मामले में सुनवाई करते हुए कहा था कि आप हर मामले में सुरक्षा नहीं ले सकते, आपने पैसा वसूलना शुरू कर दिया, क्योंकि आप सरकार के करीब हैं। यही होता है अगर आप सरकार के करीब हैं और इन चीजों को करते हैं तो आपको एक दिन वापस भुगतान करना होगा। चीफ जस्टिस  रमना ने आगे कहा कि जब आप सरकार के साथ अच्छे हैं, आप वसूली कर सकते हैं, लेकिन अब आपको ब्याज के साथ भुगतान करना होगा। कोर्ट ने कहा था कि यह बहुत ज्यादा हो रहा है। हम ऐसे अधिकारियों को सुरक्षा क्यों दें? यह देश में एक नया ट्रेंड है, उन्हें जेल जाना होगा।

जीपी सिंह और उनसे जुड़े मामले

1 जुलाई की सुबह 6 बजे ACB-EOW की टीमों ने रायपुर, राजनांदगांव और ओडिशा में एक साथ छापा मारा।

जीपी सिंह पर FIR दर्ज की गई। दूसरे दिन शुक्रवार को दिन भर की जांच के बाद 5 करोड़ की चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ। 10 करोड़ की संपत्ति मिलने और इसके बढ़ने की आधिकारिक जानकारी दी गई।

रायपुर में एक युवक से मारपीट, भिलाई में सरेंडर करने वाले नक्सल कमांडर से रुपयों का लेन-देन, रायपुर में एक केस में आरोपी की मदद का इल्जाम भी जीपी सिंह पर लगा है। इन पुराने केस की फिर से जांच की जा रही है।

इन तमाम मामलों के बीच 5 जुलाई को राज्य सरकार ने ADG जीपी सिंह को एक आदेश पत्र में यह लिखते हुए निलंबित कर दिया कि एक अफसर से ऐसी अपेक्षा नहीं थी।

 

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