रामनगर-उधमपुर मार्ग पर भीषण बस हादसा, 70–80 फीट गहरी खाई में गिरी बस; 18 से अधिक मौतें, पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान

उधमपुर/रामनगर। रामनगर-उधमपुर मार्ग पर सोमवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग प्रारंभिक तौर पर बड़े कारण के रूप में सामने आई है। कघोटे इलाके में एक खतरनाक मोड़ पर अनियंत्रित होकर एक यात्री बस लगभग 70 से 80 फीट गहरी खाई में जा गिरी, जिससे 18 से अधिक लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बस (JK14D-2121) सुबह रामनगर से उधमपुर की ओर जा रही थी। हादसे के समय बस में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे, जिनमें सरकारी कर्मचारी, स्कूल-कॉलेज के शिक्षक और विद्यार्थी शामिल बताए जा रहे हैं। सुबह करीब 9:40 बजे कघोटे इलाके में मोड़ काटते समय चालक बस पर नियंत्रण खो बैठा।
नियंत्रण बिगड़ते ही बस सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरी और पलटकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोग तुरंत बचाव कार्य में जुट गए।
मौके पर पहुंची पुलिस और राहत टीमें
सूचना मिलते ही पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया। खाई में गिरी बस के पलटने से कई यात्री बाहर गिर गए, जिनमें से कई की मौके पर ही मौत होने की आशंका है। राहत दलों ने कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकालकर एंबुलेंस से जीएमसी उधमपुर पहुंचाया।
हादसे के पीछे की वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस तेज रफ्तार में थी और मोड़ पर चालक संतुलन नहीं बना सका। घायलों के अनुसार बस में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे और कई लोग खड़े भी थे, जिससे हादसा और भी गंभीर हो गया।
जीएमसी में भर्ती घायल यात्री देस राज ने बताया कि चालक बस को काफी तेज चला रहा था और अचानक मोड़ पर संतुलन बिगड़ गया, जिसके बाद बस खाई में गिर गई।
नेताओं ने जताया शोक
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन से लगातार संपर्क में रहकर राहत कार्यों की निगरानी की जा रही है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए प्रशासन को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
फिलहाल प्रशासन द्वारा मृतकों और घायलों की सटीक संख्या का आंकलन किया जा रहा है और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच जारी है।




