गड्ढों से गंदगी तक… ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का अनोखा अभियान, सोशल मीडिया के जरिए उठाए जा रहे जनसरोकार

नई दिल्ली। देशभर में नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को नए अंदाज में उठाने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने #LifeOfACockroach नाम से विशेष अभियान शुरू किया है। इस पहल के जरिए लोगों से अपने क्षेत्र की बदहाल सड़कें, कूड़े के ढेर, खराब स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी समस्याओं की तस्वीरें व वीडियो साझा करने की अपील की जा रही है।
पार्टी द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक एआई वीडियो में नागरिकों से कहा गया है कि वे अपने आसपास मौजूद समस्याओं को रिकॉर्ड कर अभियान से जुड़ें। अभियान का उद्देश्य स्थानीय मुद्दों को सार्वजनिक मंच तक पहुंचाकर प्रशासन और संबंधित विभागों का ध्यान आकर्षित करना बताया जा रहा है।
आम लोगों की भागीदारी पर जोर
अभियान के तहत नागरिकों को अपने क्षेत्र की समस्याओं से जुड़े वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर साझा करने तथा आयोजकों को टैग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। दावा किया गया है कि प्राप्त शिकायतों को व्यापक स्तर पर उठाकर संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
व्यंग्य के जरिए विरोध का नया तरीका
इस अभियान में युवाओं ने विरोध दर्ज कराने का अनोखा तरीका अपनाया है। कहीं सड़क के गड्ढों के साथ सेल्फी लेकर व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं तो कहीं कूड़े के ढेर और गंदी नालियों को ‘फाइव स्टार टूरिस्ट स्पॉट’ बताकर सोशल मीडिया पर व्यंग्य किया जा रहा है।
इसके अलावा जलभराव, खराब सड़कें और अन्य नागरिक समस्याओं को लेकर डिजिटल पोस्ट, मीम्स और रील्स के माध्यम से भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया जा रहा है। कई जगह स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को टैग कर प्रतीकात्मक ऑनलाइन अवॉर्ड भी साझा किए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया से शुरू होकर बना जनअभियान
कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत मई 2026 में सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक पहल के रूप में हुई थी। धीरे-धीरे यह युवाओं के बीच चर्चा का विषय बन गई और अब इसे नागरिक समस्याओं को उजागर करने वाले ऑनलाइन अभियान के रूप में देखा जा रहा है।
अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि उनका मकसद केवल आलोचना करना नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर की समस्याओं को सामने लाकर उनके समाधान के लिए जनजागरण और जनदबाव तैयार करना है। सोशल मीडिया के दौर में यह पहल नागरिक भागीदारी और जनसरोकारों को नए तरीके से सामने लाने का प्रयास मानी जा रही है।





