पेलमा कोल माइन परियोजना की लोक सुनवाई में उमड़ा जनसैलाब, विकास और रोजगार की उम्मीदों को मिला समर्थन

रायगढ़। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की प्रस्तावित पेलमा ओपन कास्ट कोल माइन परियोजना को लेकर आयोजित लोक सुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी देखने को मिली। ग्राम पेलमा में आयोजित इस जनसुनवाई के दौरान क्षेत्र के विकास, रोजगार सृजन और आधारभूत सुविधाओं को लेकर लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की। पूरे कार्यक्रम में उत्साहपूर्ण जनसहभागिता और परियोजना के प्रति समर्थन का माहौल नजर आया।
भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के निर्धारित प्रावधानों के तहत आयोजित इस लोक सुनवाई की अध्यक्षता अपर जिला दंडाधिकारी (ADM) अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने की। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (CECB) के क्षेत्रीय अधिकारी मानवेंद्र शेखर पांडेय की मौजूदगी में प्रक्रिया शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न हुई।
SECL की प्रस्तावित पेलमा ओपन कास्ट कोल माइन परियोजना लगभग 2077.934 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जानी है। इसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 15 मिलियन टन (MTPA) निर्धारित की गई है। परियोजना का प्रभाव ग्राम पेलमा, उरबा, मडुआडूमर, लालपुर, हिंझर, जरिडीह, सक्ता, मिलूपारा और खर्रा सहित आसपास के कई गांवों पर पड़ेगा।
लोक सुनवाई के दौरान SECL के अधिकारियों ने परियोजना की विस्तृत जानकारी साझा की और स्थानीय नागरिकों द्वारा पूछे गए सवालों एवं सुझावों का जवाब दिया। ग्रामीणों ने रोजगार, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी अपनी अपेक्षाएं खुलकर सामने रखीं।
कार्यक्रम में ग्रामीणों ने SECL और MDO द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत किए जा रहे विकास कार्यों की सराहना की। शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और सामुदायिक विकास से जुड़े कार्यों को क्षेत्र के लिए लाभकारी बताते हुए लोगों ने कहा कि इससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है।
स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना के शुरू होने से क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इससे स्थानीय व्यापार, परिवहन और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
महिला प्रतिभागियों ने भी स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रमों की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि परियोजना के आगे बढ़ने से महिलाओं के लिए नए अवसर उपलब्ध होंगे।
जनसुनवाई के दौरान पर्यावरणीय प्रभाव आंकलन (EIA) रिपोर्ट, पर्यावरण प्रबंधन योजना और परियोजना के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों की जानकारी भी आमजन को दी गई। लोगों ने इसे अपनी बात रखने और विकास संबंधी अपेक्षाओं को सामने रखने का महत्वपूर्ण मंच बताया।
प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न हुई इस लोक सुनवाई में सकारात्मक संवाद, व्यापक जनभागीदारी और सुव्यवस्थित संचालन देखने को मिला, जिसने इसे क्षेत्र की महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं से जुड़ा एक अहम जनपरामर्श कार्यक्रम बना दिया।





