कही-सुनी (14 JUNE-26) : बीजेपी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी अगले हफ्ते तक ?

रवि भोई की कलम से
कहा जा रहा है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 18 जून के बाद कभी भी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा कर सकते हैं। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस और स्लोवाकिया यात्रा से लौटने के तत्काल बाद बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम घोषित कर दी जाएगी। प्रधानमंत्री 13 से 18 जून तक विदेश दौरे पर रहेंगे। बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम बनने के बाद मोदी मंत्रिमंडल का भी पुनर्गठन होगा। खबर है कि नितिन नबीन की टीम में 38 लोग होंगे। इसमें 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष,8 राष्ट्रीय महामंत्री,एक राष्ट्रीय महामंत्री संगठन,15 राष्ट्रीय सचिव और एक राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष होंगे। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय टीम में 60 फीसदी पदाधिकारी 60 साल से कम उम्र के बनाए जाएंगे। नितिन नबीन की टीम में 33 फीसदी महिला आरक्षण के फार्मूले का भी पालन होगा। याने 13 महिला पदाधिकारी होंगी। राष्ट्रीय टीम के गठन के बाद केंद्रीय मंत्रिपरिषद के पुनर्गठन की खबर है। अनुमान लगाया जा रहा है कि करीब 15 मंत्रियों को हटाया जा सकता है। इनमें से आधे संगठन में एडजेस्ट हो सकते हैं। नरेंद्र मोदी के मंत्रिपरिषद में भाजपा के साथ जनता दल यूनाइटेड, तेलुगू देशम पार्टी और शिवसेना शिंदे गुट के सांसदों को जगह मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा टीएमसी और आम आदमी पार्टी से टूट कर आए सांसदों की भी किस्मत चमक सकती है। राष्ट्रीय कार्यसमिति के गठन और केंद्रीय मंत्रिपरिषद के पुनर्गठन के बाद छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल में फेरबदल के आसार हैं।
डीजीपी से दुखी एडीजी साहब
एक एडीजी साहब आजकल डीजीपी अरुणदेव गौतम से बड़े दुखी बताए जाते हैं। कहते हैं कि गौतम साहब जब प्रभारी डीजीपी थे, तब इसी एडीजी साहब ने उनका साथ दिया था और संकटमोचक की भूमिका निभाई थी, पर अब एडीजी साहब ने डीजीपी साहब के साथ वर्क टू रूल को फॉलो कर लिया है। चर्चा है कि डीजीपी साहब पहले एडीजी को बड़ा भाव देते थे, उनकी हर बात को सुनते थे, पर डीजीपी साहब को स्थायी तमगा मिलते ही एडीजी साहब को पहले जैसे भाव मिलना बंद हो गया और उनकी बात भी कटनी शुरू हो गई। इस बात से खफा एडीजी साहब ने भी पुलिस मुखिया के सामने अपना रोल सीमित कर दिया। एडीजी साहब की सेवा अभी काफी बची है। भाग्य ने साथ दिया तो उन्हें ऊँची कुर्सी मिल भी सकती है।
मंत्री जी के ओएसडी ने काटी चांदी
चर्चा है कि राज्य के एक मंत्री जी के ओएसडी साहब ने तबादलों के खेल में खूब चांदी काटी। खबर उड़ रही है कि ओएसडी साहब ने 50-60 पेटी का खेल कर लिया। सरकार ने तबादला अभी खोला नहीं है, पर कुछ मंत्री समन्वय में मामला लाकर अपने मंतव्य को अंजाम दे दे रहे हैं। वैसे इन मंत्री जी ने जब से पदभार संभाला है, तब से उनकी नजर तबादलों पर ही है। कहते हैं मंत्री जी तबादला उद्योग को अमलीजामा पहनाने के लिए एक टीम भी बना रखी है। इस टीम में ओएसडी साहब भी हैं। ओएसडी साहब की विभाग के एक अफसर की जुगलजोड़ी चर्चा में हैं। माना तो यह जाता है कि अफसर ने ही ओएसडी साहब को मंत्री जी टीम में शामिल करवाया है। सुनने में आता है कि ओएसडी साहब तबादलों में ही नहीं बाकी काम-धंधों में भी अपना हुनर दिखाते हैं। इस कारण मंत्री जी के पसंदीदा भी हैं।
छुट्टी के दिन शिकार की खोज में
कहते हैं एक आईएएस अफसर साहब शनिवार-रविवार या सरकारी छुट्टी के दिन छापेमारी करते हैं। बताते हैं यह अफसर दो विभाग के सचिव के साथ दो विभाग के एचओडी भी हैं। विभागाध्यक्ष के साथ सचिव होने से उनसे कोई सवाल-जवाब भी नहीं करता। खबर है कि आईएएस अफसर साहब विभागाध्यक्ष के तौर पर काम को अंजाम देते हैं। आईएएस अफसर को मातहतों की नब्ज को पकड़ने में माहिर माना जाता है। सुनने में आता है कि यह आईएएस अफसर बैठकों में मातहतों के नब्ज को दबा देते हैं, जिससे निचले स्तर पर भी कोई चूं -चपड़ कोई करता नहीं और आसानी से अपना लक्ष्य साध लेते हैं। इन अधिकारी महोदय के पास जनता से जुड़ा एक विभाग भी है, कहा जाता है इसी विभाग से जुड़ी संस्थाओं पर छुट्टी के दिनों उनकी नजर ज्यादा होती है।
विवेकानंद और सुंदरराज जाएंगे प्रतिनियुक्ति पर
चर्चा है कि एडीजी नक्सल ऑपरेशंस विवेकानंद सिन्हा और बस्तर के आईजी सुंदरराज पी. केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाएंगे। खबर है कि आईपीएस सुंदरराज पी पारिवारिक कारणों से हैदराबाद में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति चाहते हैं। सुंदरराज पी 11 नवंबर 2019 से बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक के रूप में कार्यरत हैं। वे लगातार बस्तर में नक्सल विरोधी अभियानों का नेतृत्व कर रहे हैं। सुंदरराज पी बस्तर के एसपी भी रह चुके हैं। भारत सरकार में जाने के इच्छुक आईपीएस विवेकानंद सिन्हा अक्टूबर 2021 से एडीजी नक्सल ऑपरेशन के पद पर पदस्थ हैं। कहा जा रहा है कि विवेकानंद केंद्रीय सुरक्षा बल में एडीजी के पद पर जा सकते हैं। वैसे विवेकानंद को राज्य में ही स्पेशल डीजी बनाने की बात भी चल रही है, पर अभी राज्य में चार डीजी हैं। इसमें दो कैडर और दो नान कैडर पोस्ट है। अब भारत सरकार छत्तीसगढ़ में स्पेशल डीजी के तीन पद स्वीकृत करने की मंजूरी देती है या नहीं, यह बड़ा सवाल है।
एक भाजपा नेता लगाएंगे इथेनॉल प्लांट
कहते हैं छत्तीसगढ़ के एक भाजपा नेता केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी से प्रभावित होकर राज्य के बलौदाबाजार इलाके में इथेनॉल बनाने का प्लांट लगाने वाले हैं। महाराष्ट्र में नितिन गड़करी के बेटे शुगर मिल चलाते हैं और इथेनॉल बनाते हैं। आजकल इथेनॉल मिला पेट्रोल का जमाना है। अभी 20 फीसदी इथेनॉल वाला पेट्रोल बिक रहा है। आने वाले दिनों में 85 फीसदी इथेनॉल वाला पेट्रोल बाजार में आ जाएगा। ऐसे में इथेनॉल बनाने का काम बड़ा चोखा धंधा बन जाएगा। खबर है कि छत्तीसगढ़ के भाजपा नेता टूटे चावल (कनकी) से इथेनॉल बनाने वाले हैं। भाजपा के ये नेता बड़े कारोबारी हैं, तो नए फिल्ड में हाथ आजमाएंगे ही।
पुलिस महकमे में बड़े हेरफेर की अटकलें
छत्तीसगढ़ के पुलिस महकमे में बदलाव बड़े दिनों से लटका है। उम्मीद की जा रही है कि जून महीने के अंत में पुलिस मुख्यालय से लेकर जिला स्तर पर बड़ा परिवर्तन हो सकता है। पूर्णकालिक डीजीपी बनने के बाद भी अरुणदेव गौतम डीजी होमगार्ड का प्रभार अपने पास अभी रखे हुए हैं। डीजी जीपी सिंह अभी भी बिना काम के चल रहे हैं। बलौदाबाजार-भाटापारा में एसपी प्रभारी हैं। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में भी एसपी का पद खाली है। कई एसपी डीआईजी स्तर पर पहुँच गए हैं। डीआईजी बन चुके कुछ एसपी को पुलिस मुख्यालय में लाने की चर्चा है। अभी कई जिलों में प्रमोटी आईपीएस एसपी हैं। इसको लेकर सीधी भर्ती वाले आईपीएस खफा बताए जाते हैं। इस फेरबदल में संतुलन की उम्मीद की जा रही है। चर्चा है कि फेरबदल में दुर्ग, बिलासपुर, कोरबा, बेमेतरा, सरगुजा समेत कई जिलों के एसपी प्रभावित हो सकते हैं।
(लेखक पत्रिका समवेत सृजन के प्रबंध संपादक और स्वतंत्र पत्रकार हैं।)
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