राम मंदिर चढ़ावा विवाद: रोजाना 20 लाख तक पहुंच रहा दान, चढ़ावा गड़बड़ी मामले की SIT जांच तेज

अयोध्या।राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी और चोरी के आरोपों के बीच दान व्यवस्था एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। हालांकि विवादों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है और रामलला के चरणों में प्रतिदिन लाखों रुपये का चढ़ावा पहुंच रहा है।
रोजाना 18 से 20 लाख रुपये का चढ़ावा
सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर में इन दिनों प्रतिदिन करीब 18 से 20 लाख रुपये का चढ़ावा प्राप्त हो रहा है। मंदिर परिसर में निर्धारित स्थान पर रोजाना दान पेटियों की गणना की जा रही है और राशि को भारतीय स्टेट बैंक की अधिकृत शाखा में जमा कराया जा रहा है।बताया जा रहा है कि पिछले 10 दिनों में करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा हुई है।
प्राण प्रतिष्ठा के बाद बढ़ा चढ़ावा
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई, जिसके चलते चढ़ावे में भी बड़ा इजाफा दर्ज किया गया। बढ़ती राशि को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने दान पेटियों की संख्या बढ़ाई और गणना व्यवस्था को भी अधिक व्यवस्थित बनाया।
जांच के घेरे में चढ़ावा गिनती व्यवस्था
सूत्रों के मुताबिक, चढ़ावे की गणना में बैंक कर्मचारियों के अलावा एक बाहरी एजेंसी के कर्मचारी भी लगाए गए थे। हाल ही में सामने आए कथित चोरी और अनियमितता के आरोपों में इसी व्यवस्था से जुड़े कुछ लोगों के नाम चर्चा में हैं।वर्तमान में चढ़ावे की गणना के लिए बैंक के लगभग 14 कर्मचारी तैनात हैं।
एसआईटी कर रही है जांच
मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) लगातार पड़ताल कर रहा है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं चढ़ावे की गणना और प्रबंधन व्यवस्था में कोई खामी तो नहीं थी, जिसका फायदा उठाकर कथित अनियमितताओं को अंजाम दिया गया।
2021 से अब तक का रिकॉर्ड खंगाल रही टीम
एसआईटी ने वर्ष 2021 से लेकर अब तक के रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है। इसके तहत मंदिर परिसर और उससे जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं में तैनात कर्मचारियों, कार्यकर्ताओं और अधिकारियों का पूरा ब्योरा जुटाया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, मंदिर की दर्शन व्यवस्था, अतिथि प्रबंधन, सुरक्षा समन्वय और प्रशासनिक कार्यों में करीब 150 लोगों को जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। जांच एजेंसियां उनकी नियुक्ति प्रक्रिया, कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था की भी समीक्षा कर रही हैं।
जांच के बीच 19 जून को अयोध्या आ सकते हैं योगी
इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के 19 जून को अयोध्या आने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि वे महंत नृत्या गोपाल दास के जन्मदिवस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। माना जा रहा है कि वे रामनगरी में चल रहे विकास कार्यों और व्यवस्थाओं की भी समीक्षा कर सकते हैं।
पूरे प्रदेश की नजर जांच पर
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच अब संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गई है। ऐसे में श्रद्धालुओं, संत समाज और प्रशासन की नजर एसआईटी की रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित अनियमितताओं के पीछे क्या कारण थे और जिम्मेदार कौन हैं।





