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छत्तीसगढ़ में अदाणी समूह के कर्मचारियों ने 1300 यूनिट से ज्यादा रक्तदान किया

० रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए चेयरमैन गौतम अदाणी के जन्मदिन पर चार दिन के विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन

रायपुर/बिलासपुर।अदाणी समूह के चेयरमैन के 61 वें जन्मदिन पर छत्तीसगढ़ में समूह के कर्मचारियों द्वारा 1300 यूनिट से ज्यादा का रक्तदान किया गया। हर साल 24 जून को अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी के जन्मदिन के अवसर पर भारत के साथ-साथ विदेशों में भी स्थित समूह के सभी संस्थानों में रक्त दान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए शिविर का आयोजन किया जाता है।

इस उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा, रायगढ़, भाटापारा और दुर्ग जिले में स्थित सभी परियोजनाओं में चार दिवसीय विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन मंगलवार, 20 जून से शनिवार 24 जून तक किया गया। जिसमें समूह के अदाणी नेचुरल रिसोर्सेज के सरगुजा व रायगढ़ परियोजनाओं में 340 यूनिट, अदाणी पॉवर लिमिटेड के रायपुर और रायगढ़ परियोजनाओं में 650 यूनिट तथा अदाणी सीमेंट लिमिटेड के भाटापारा व जामुल परियोजनाओं में 380 यूनिट रक्त का दान समूह के कर्मचारियों द्वारा संबंधित जिलों के रेड क्रॉस सोसाइटी तथा अस्पतालों को दान किया गया। जबकि प्रदेश के राजधानी रायपुर में स्थित समूह के स्टेट कार्यालय के अधिकारियों द्वारा शहर के माना कैंप में स्थित वृद्धाश्रम में राशन आटा, चावल, दाल, शक्कर, रिफाइंड तेल इत्यादि सहित फलों का दान भी किया गया।

अदाणी फाउंडेशन के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर के दौरान रक्तदान से सम्बंधित भ्रांतियाों को दूर करने का भी प्रयास किया गया। जिसमें सभी परियोजनाओं में कार्यरत ठेका कामगारों के साथ-साथ सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। शिविर का मुख्य उद्देश्य रक्त दान के बारे में मिथकों को तोड़ना तथा रक्त दान के संबंध में जागरूकता फैलाते हुए लोगों को नियमित रूप से रक्त दान करने के लिए प्रेरित करना है।

रक्त दान से सम्बंधित कई मिथक दूर किये गए

आम तौर पर पर रक्तदान से संबंधित समाज में कई भ्रांतियां हैं। जहां कई लोग ये मान कर बैठे हैं की शरीर में सीमित रक्त है, वही कुछ लोग ये कह कर इसमे सम्मिलित नहीं होते की प्रक्रिया में समय लगता है और दर्द भी काफी ज्यादा होता है| कुछ लोगों का ये भी मानना है कि उच्च रक्तचाप और मधुमेह की बीमारी में रक्त दान नहीं कर सकते और अब कोरोना वैक्सीन लिए हुए व्यक्ति भी रक्तदान नहीं कर सकते है। अदाणी फाउंडेशन की ओर से उपस्थित मेडिकल टीम ने सारी भ्रांतियां को दूर किया और शिविर में आए सब लोगों को इस बात के लिए प्रेरित किया की वो औरों में भी जागरुकता फेलायें।

मेडिकल टीम ने बताया कि वास्तविक तौर पर रक्त दान करते समय दर्द सिर्फ एक सुई की चुभन से ज्यादा नहीं होता है। दान की प्रक्रिया, पंजीकरण तथा जलपान लेने तक मुश्किल से 20 से 30 मिनट लगते हैं। डोनेशन सेशन के दौरान सिर्फ 350-400 मि.ली. खून ही लिया जाता है। जबकि रक्तदान के बाद शरीर तेजी से नई कोशिकाओं का निर्माण कर इसकी आपूर्ति स्वयं ही कर लेता है। 18-60 वर्ष की आयु के बीच का कोई भी व्यक्ति जो फिट और स्वस्थ है, वह रक्त दे सकता है। 45 किलो से अधिक वजन वाला कोई भी व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। वहीं बिना इन्सुलिन अर्थात गोलियों की मदद से अपने मधुमेह को नियंत्रित करने वाले व्यक्ति रक्तदान कर सकते हैं। जिनका रक्तचाप 100-140 सिस्टोलिक और 60-100 डायस्टोलिक के बीच नियंत्रित होता है, वे रक्तदान कर सकते हैं। और कोरोना वैक्सीन लिया हुआ व्यक्ति टीकाकरण के 14 दिन बाद और कोविड संक्रमण से ठीक होने के 28 दिन बाद रक्तदान कर सकता है।

शिविर का आयोजन में अदाणी फाउंडेशन के साथ साथ मानव संसाधन विभाग तथा कॉर्पोरेट अफेयर्स विभाग का विशेष सहयोग रहा।

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