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छत्तीसगढ़ सिक्ख ऑफिसर्स एसोसियेशन नें प्रतिभावान विद्यार्थियों का किया सम्मान


० लक्ष्य पाने पूरी तैयारी और आत्मविश्वास जरूरी – प्रो. सुमेर सिंह

० अनुभव से ही स्मार्टवर्क विकसित होता है – धर्मवीर धीर
० सफलता पाने इमोशनल इंटेलिजेंस पर ध्यान दें -अजीत कुकरेजा
० 10 साल के मॉस्टर जसराज सिंह ने गणितीय गणना का किया प्रदर्शन किया

रायपुर। आईटीएम यूनिवर्सिटी,रायपुर के वाईस चांसलर प्रो. सुमेर सिंह ने कहा है कि विद्यार्थियों को सफलता तभी मिलेगी जब वह पहले से ही अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए योजना बना कर तैयारी करें। उन्होंने आज छत्तीसगढ़ सिक्ख ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसियेशन व्दारा 10वीं और 12वीं में 90 प्रतिशत व उससे अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उक्त बातें कहीं। कार्यक्रम में एसोसियेशन के संयोजक जी.एस. बॉम्बरा, सचिव दीप सिंह जब्बल,एजुकेशन कमेंटी के चेयरमैन डॉ. बी.एस.छाबड़ा भी उपस्थित थे।
प्रो. सुमेर ने वृंदावन हाल,सिविल लांईस में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में कहा कि यहां सम्मानित होने वाले विद्यार्थी 90 प्रतिशत तथा उससे अधिक अंक वाले काफी प्रतिभाशाली छात्र -छात्राएं हैं। वे इन बातों को जानते हैं कि उन्होंने यह सफलता अपनी मेहनत से प्राप्त की है। उन्होनें कहा कि कोई भी लक्ष्य पूरे तैयारी करने तथा आत्म विश्वास से ही प्राप्त होता है। प्रो सिंह ने उपस्थित पालकों से कहा कि बच्चे तो मासूम होते हें, माता-पिता ही बच्चों के टैलेन्ट को पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाते हैं। विद्यार्थियों से उन्होनें कहा कि “मान लो तो हार, ठान लो तो जीत है।” वे कहते हैं कि इसी बात को ध्यान रखने की जरूरत है।


आईडीएम यूनिवर्सिटी ग्रुप मुंबई के डायरेक्टर कैरियर कांऊसिलिंग श्री धर्मवीर धीर ने विदार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भविष्य में आपको क्या बनना है यह पहले से ही तय कर लेना चाहिए। एक वास्तविक उदाहरण देते हुए उन्होनें बताया कि एक ही साथ पढ़े दो छात्र अपनी पढ़ाई के बाद अमरीका की एक कंपनी में नौकरी में लगे। इसमें एक का वेतन 50 लाख रुपए तथा दूसरे का वेतन 10 लाख रुपए सालाना था। इसका कारण था कि दोनों की पर्सनैल्टी में काफी अंतर था। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति स्मार्ट वर्क तभी सीख पाता है जब वह 10-15 साल तक कार्य का अनुभव ले चुका होता है। श्री धीर ने सफलता का गुरुमंत्र बताते हुए कहा कि नए आईडिया और वैचारिक सोच विकसित करने के लिए दूसरों की सफलताओं की कहानियां सुनें। इसके लिए उन्होनें विद्यार्थी को यूट्यूब में टेडएक्स जैसी वेबसाईट देखने की सलाह दी।
विशेष अतिथि के रुप में आए पार्षद और नगर निगम रायपुर एमआईसी के सदस्य ने श्री अजीत कुकरेजा ने दिल्ली में रह कर आईएएस बनने की तैयारी के अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि भले ही मैं कुछ अंकों से भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने से चूक गया किन्तु उस अनुभव के आधार पर मैं यह कह सकता हूं कि सफलता पाने के लिए आपकी दृष्टि और लक्ष्य एकदम स्पष्ट होना चाहिए। इसके लिए अपने अपने अवचेतन मन को केन्द्रित करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को इमोशनल इंटेलीजेंस के साथ अध्ययन करने की सलाह दी।
प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों से आए कक्षा 10वीं के 12 तथा कक्षा 12वीं के 15 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इसमें कक्षा दसवीं गुरबानी छाबड़ा व अमृत कौर को गोल्ड मेडल, सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेन्स, फलकप्रीत कौर रंधावा को सिल्वर मेडल,सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेन्स प्रदान किया गया। इसके बाद प्रभलीन सिंह डडियाला,जसप्रीत सिंह चावला, मनविन्दर सिहं माखीजा, नयनदीप खुराना, जसमीत कौर दत्ता, सिमरनजीत कौर, अंजलि बग्गा, अक्क्षदीप सिंह चावला, नवदीप कौर सूरी को सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेन्स और मोमेन्टो प्रदान किया गया। वहीं 12वी कक्षा में उत्तीर्ण लवदीप सिंह सलूजा और कशिश गांधी को गोल्ड मेडल,सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेन्स, पवित सिंह गुजराल व खुशप्रीत सैनी को सिल्वर मेडल, सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेन्स प्रदान किया गया। अन्य विद्यार्थियों में आर्ची हुरा, प्रभगुन कौर टुटेजा,गुरलीन कौर, दिलप्रीत कौर सलूजा, करमजीत कौर संधू, मन्नत बिन्द्रा, प्रभराज सिंह भाटिया, अंशराज सिंह टुटेजा, अमनजोत कौर, वैष्णवी छाबड़ा और तनीषा कौर को सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेन्स व मोमेन्टो प्रदान किया गया। गणितीय गणना कौशल मंय तीन वर्ल्ड रिकार्ड हासिल करने वाले जसराज सिंह को भी उसकी प्रतिभा के लिए सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेन्स और मोमेन्टो प्रदान कर सम्मानित किया गया।

छत्तीसगढ़ सिक्ख ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसियेशन के संयोजक जी.एस. बॉम्बरा ने अपने अद्बोधन में संस्था की गतिविधियों और कार्यक्रम की जानकारी दी। श्री बॉम्बरा ने कहा कि सिक्ख बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। एसोसियेशन चिकित्सा, शिक्षा तथा पारिवारिक परामर्श सहित पर्यावरण के क्षेत्र में सन् 2018 से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमें इस संस्था को “सरबत के भला” के उद्देश्य से आगे बढ़ाना है। एसोसियेशन के एजुकेशन के चेयरमैन डॉ.बी.एस.छाबड़ा ने कार्यक्रम के महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को सफलता के लिए किए जाने वाले प्रयासों की जानकारी दी।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सिक्ख ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसियेशन के जे.एस. जब्बल, के. एस.झांस, टी.एस. झांस, बी.एस. सलूजा, अवतार सिंह प्लाहा, डॉ. कुलदीप सिंह छाबड़ा, अजीत सिंह राजपाल, कुलदीप सिंह छाबड़ा, एम.एस. सलूजा, लखिन्दर सिंह चावला, टी.एस. जब्बल, डी.एस. डडियाला, ए.एस. विरदी, मंजीस सिंह हुरा, सुखबीर सिंह सिंघोत्रा, तेजपाल सिंह हंसपाल, श्रीमती रविन्दर कौर बॉम्बरा, श्रीमती पिंकी जब्बल सहित एसोसियेशन कई सदस्य उपस्थित थे। पालकों की ओर से अंबिकपुर से आए सरदार नरेन्द्र सिंह टुटेजा ने विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए एसोसियेशन का आभार व्यक्त किया, वहीं कार्यक्रम में आए सभी लोगों की उपस्थिति के लिए एसोसियेशन के सचिव दीप सिंह जब्बल ने आभार माना ।

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