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महतारी वंदन योजना पर विधानसभा में हंगामा, आंकड़ों में गड़बड़ी का आरोप; मंत्री के जवाब से नाराज कांग्रेस का वॉकआउट

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० पोर्टल नहीं खुलने और लाभार्थियों की संख्या में अंतर पर विपक्ष ने उठाए सवाल, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े बोलीं- ‘सुशासन की सरकार है, हमें सीख न दें’

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन महतारी वंदन योजना को लेकर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने योजना के आंकड़ों में गड़बड़ी और मार्च 2024 से पोर्टल बंद होने का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के जवाब और “हमें सीख न दें” वाली टिप्पणी के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। हंगामे के बीच कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।

कांग्रेस ने उठाए आंकड़ों पर सवाल

प्रश्नकाल के दौरान विधायक उमेश पटेल ने पूछा कि जून 2026 तक कितनी पात्र महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिला और जिन महिलाओं को लाभ नहीं मिला, उसके पीछे क्या कारण हैं।

जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि योजना के तहत 70,27,154 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 70,09,658 पात्र महिलाओं को पहली किस्त का भुगतान किया गया। वर्तमान में 68,54,003 महिलाओं को नियमित रूप से योजना का लाभ मिल रहा है।

EKYC और मृत्यु के कारण रुका भुगतान

मंत्री ने बताया कि 1,55,600 लाभार्थी ऐसे हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है, ई-केवाईसी (EKYC) नहीं हुआ है या वे आयकरदाता होने के कारण योजना के दायरे से बाहर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि करीब 2 प्रतिशत महिलाओं का भुगतान केवल ई-केवाईसी लंबित होने के कारण रुका हुआ है।

‘मार्च 2024 से पोर्टल बंद, कब खुलेगा?’

उमेश पटेल ने दावा किया कि मई महीने तक केवल 36 हजार महिलाओं का ई-केवाईसी लंबित था और 55 हजार महिलाओं के नाम हटाए गए, ऐसे में शेष आंकड़ों पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि मार्च 2024 से महतारी वंदन योजना का पोर्टल बंद है, इसे दोबारा कब खोला जाएगा?

‘हमें सीख मत दीजिए’ पर बढ़ा विवाद

सवालों के जवाब में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा, “यह सुशासन की सरकार है। सरकार बनते ही दो महीने के भीतर हमने महिलाओं के खातों में राशि पहुंचाई। हमें सीख देने की जरूरत नहीं है।”

मंत्री की इस टिप्पणी पर कांग्रेस विधायक नाराज हो गए। विपक्ष ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद सदन का माहौल गरमा गया। अंततः मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।