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विधानसभा सत्रः आख़िर छत्तीसगढ़ में ये क्या चल रहा है? पौने चार साल में ज़्यादातर समय कर्मचारी हड़ताल पर

रायपुर। विधानसभा सदन आज फिर गर्म रहा। भाजपा सहित अन्य संगठनों के विधायकों ने अनेक मुद्दों को सदन में रखा, पर जवाब से संतुष्ट नहीं होने के बाद खूब हंगामा किया। इस दौरान बीजेपी के स्थगन प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया, वहीं चर्चा पर अड़े विपक्ष ने खूब नारेबाजी की। बीजेपी विधायक ने कहा आख़िर छत्तीसगढ़ में ये क्या चल रहा है?



बता दें कि विधानसभा सत्र के तीसरे दिन चर्चा के दौरान सहायक शिक्षकों सहित कर्मचारी संगठनों की हड़ताल पर बीजेपी ने स्थगन प्रस्ताव दिया। इस पर सदन की कार्यवाही रोककर चर्चा की मांग की। पर आसंदी के स्थगन प्रस्ताव को खारिज करने के बाद चर्चा करने की मांग करते हुए विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी की। स्थिति को देखते हुए आसंदी ने सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी।

एक लाख नौ हजार सहायक शिक्षक सड़कों पर
इस पर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि आज पूरे प्रदेश में एक लाख नौ हजार सहायक शिक्षक सड़कों पर हैं। पुलिस रास्ते में रोक रही है। ऐसे में उनके साथ मारपीट भी हुई होगी। कौशिक ने कहा मुख्यमंत्री जब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष थे, तब हड़ताली कर्मचारियों के हर तम्बू में गए थे। आश्वासन देकर वोट बटोरे गए।

सहायक शिक्षकों की धैर्य की सीमा टूट रही है
कौशिक ने बताया कि 2021 में 18 दिनों का धरना दिया गया था, तब मुख्यमंत्री ने एक कमेटी बनाई थी, लेकिन आज तक उसका प्रतिवेदन नहीं आया। सहायक शिक्षकों की धैर्य की सीमा टूट रही है। सरकार यदि मांग पूरी नहीं कर पा रही तो कम से कम ये कहे कि हम धोखा देकर सत्ता में आए हैं। शिक्षा की रैंकिंग में छत्तीसगढ़ का स्थान तीसवां है। बच्चे स्कूल में दारू पी रहे हैं, ये स्थिति बन गई है। आश्वासन देने के बाद भी निराकरण नहीं करना उचित नहीं है।

..तो सरकार को लकवा मार जाएगा
सदन में बीजेपी विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सरकार के पौने चार साल में ज़्यादातर वक्त कर्मचारी हड़ताल पर रहे हैं। आख़िर छत्तीसगढ़ में ये क्या चल रहा है? ये सरकार है कि चू-चू का मुरब्बा है। राज्य के कर्मचारियों को सिर्फ़ 22 फ़ीसदी महंगाई भत्ता दिया है। सरकारी कर्मचारी सरकार के हाथ पैर हैं। ये सही नहीं रहे तो सरकार को लकवा मार जाएगा।

हितों की रक्षा करना सरकार का धर्म
विधायक अग्रवाल ने कहा कर्मचारियों की इतनी बड़ी हड़ताल पर चर्चा कर इसका निराकरण कराया जाए। बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने कहा- सरकार के अड़ियल रवैए से, धोखाधड़ी से आज ये सड़कों पर हैं। जेसीसी विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि सरकार से आस लगाए बैठे थे कि उनके हितों की रक्षा की जाएगी। अग्निवीर से भी बदतर स्थिति में राज्य के कर्मियों को ला रहे हैं। हड़ताल की स्थिति ना बने। हितों की रक्षा करना सरकार का धर्म है।

हड़ताल से प्रशासनिक कामकाज ठप्प
बीजेपी विधायक रंजना साहू ने कहा कि कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से प्रशासनिक कामकाज ठप्प हो गया है। इसके लिए सरकार ज़िम्मेदार है। जनघोषणा पत्र में कई वादे किए थे। वेतन विसंगति दूर करने का वादा था, लेकिन वह भी अधर में। बीजेपी विधायक रजनीश सिंह ने कहा कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण जैसे क्षेत्र के लोग लगातार अपनी बातें रख रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही।

सत्ता पाने हड़तालियों को जूस पिलाकर कांग्रेसी भरोसा दिलाते रहे
कर्मचारी लगातार आंदोलन का रास्ता अपना रहे हैं। राज्य में ये गम्भीर स्थिति बन रही है कि सरकारी कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे हैं। बीजेपी विधायक डॉक्टर कृष्णमूर्ति बांधी ने कहा- ये वही कर्मचारी हैं जिनके साथ चाय, जूस पिलाकर कांग्रेसी भरोसा दिलाकर आते थे कि उनकी मांगे पूरी करेंगे, लेकिन आज ये कर्मचारी सरकार से मांग करते-करते थक चुके हैं।

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