केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा मंजूर, पंजाब की राजनीति में निभा सकते हैं बड़ी भूमिका
० राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के बाद छोड़ा मंत्री पद, मोदी कैबिनेट में फेरबदल की अटकलें तेज
नई दिल्ली। केंद्र सरकार में रेल राज्य मंत्री और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रहे रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। उनके इस्तीफे के बाद पंजाब की राजनीति और संभावित केंद्रीय कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पंजाब की राजनीति पर रहेगा फोकस
रवनीत सिंह बिट्टू पहले ही संकेत दे चुके हैं कि अब उनका पूरा ध्यान पंजाब की राजनीति पर रहेगा। अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा उन्हें राज्य में प्रमुख चेहरा बनाकर चुनावी रणनीति तैयार कर सकती है।
राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के बाद लिया फैसला
बिट्टू का राज्यसभा कार्यकाल जून 2026 में समाप्त हो गया था। भाजपा ने उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा। संविधान के अनुसार, कोई भी व्यक्ति सांसद न होने की स्थिति में अधिकतम छह महीने तक ही मंत्री रह सकता है। इसी संवैधानिक प्रावधान के चलते उनका इस्तीफा लगभग तय माना जा रहा था।
कैबिनेट फेरबदल की अटकलें तेज
रवनीत सिंह बिट्टू से पहले केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन भी राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके हैं। लगातार दो मंत्री पद खाली होने के बाद मोदी सरकार में जल्द कैबिनेट विस्तार या फेरबदल की संभावना जताई जा रही है।
चुनावी रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा फैसला
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए संगठन और सरकार दोनों स्तर पर बदलाव की तैयारी कर रही है। पार्टी की ‘एक व्यक्ति, एक पद’ नीति और पंजाब, हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में नए नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति के तहत भी इस फैसले को अहम माना जा रहा है।




