1.95 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में पूर्व सेल्स VP और पत्नी को सश्रम कारावास

० फर्जी फर्म और कूटरचित दस्तावेजों से कंपनी को लगाया करोड़ों का चूना, अपीलीय अदालत ने बदला निचली अदालत का फैसला
राजनांदगांव। एबिस एक्सपोर्ट (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड से 1.95 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी और गबन के मामले में अपीलीय न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने कंपनी के पूर्व सेल्स वाइस प्रेसिडेंट प्रमोद कुमार सिंह और उनकी पत्नी सीमा सिंह को दोषी ठहराते हुए सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जिला लोक अभियोजक राजेश खांडेकर के अनुसार, वर्ष 2014 में प्रमोद कुमार सिंह ने बीएसएसपी वाणिज्यिक प्रतिष्ठान के नाम से फर्जी फर्म बनाकर कंपनी में नया डीलर पंजीकृत कराया। इसके लिए फर्जी पता, कूटरचित दस्तावेज और दूसरे व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल किया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी फर्म के जरिए कंपनी से मछली और झींगा आहार खरीदा, लेकिन उसकी पूरी राशि जमा नहीं कराई। फर्जी दस्तावेजों और बैंक खातों के माध्यम से दोनों ने मिलकर कंपनी को 1.95 करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान पहुंचाया।
मामले में निचली अदालत ने दोनों को दोषी तो माना था, लेकिन सजा नहीं सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करते हुए अपीलीय न्यायालय ने आदेश में संशोधन किया।
अदालत ने प्रमोद कुमार सिंह को एक धारा के तहत तीन वर्ष के सश्रम कारावास तथा अन्य धाराओं में दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं सीमा सिंह को विभिन्न धाराओं में दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास के साथ अर्थदंड से दंडित किया गया।




