बिजली बिल बकाया पर सरकार सख्त, छत्तीसगढ़ में 10 हजार से अधिक सरकारी कनेक्शन काटे

० 51 करोड़ रुपये की वसूली की तैयारी, 1 अगस्त से सरकारी कार्यालयों में लागू होगी प्री-पेड बिजली व्यवस्था
रायपुर। बिजली बिल का बकाया नहीं चुकाने वाले सरकारी विभागों के खिलाफ छत्तीसगढ़ बिजली कंपनी ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रदेशभर में 10 हजार से अधिक सरकारी बिजली कनेक्शन स्थायी रूप से काट दिए गए हैं, जिन पर करीब 51 करोड़ रुपये का बकाया था। वहीं, राज्य के 40 सरकारी विभागों पर कुल 3,432 करोड़ रुपये से अधिक की बिजली देनदारी बताई गई है।
बिजली कंपनी ने बकाया राशि की वसूली के लिए ड्यूज रिकवरी एक्ट के तहत कार्रवाई तेज कर दी है। इसके तहत संबंधित विभागों के लंबित बिजली बिलों को उनके नियमित बिलों में जोड़कर वसूला जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई से पहले संबंधित विभागों को कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन भुगतान नहीं होने पर कनेक्शन काटने का निर्णय लिया गया। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जिन कनेक्शनों को दोबारा चालू कराना होगा, उनके लिए पूरा बकाया जमा करना अनिवार्य होगा।
यह अभियान रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, महासमुंद, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर और राजनांदगांव सहित प्रदेश के कई जिलों में चलाया गया। वहीं, बिजली भुगतान व्यवस्था को और अनुशासित बनाने के लिए 1 अगस्त से सरकारी कार्यालयों में प्री-पेड बिजली प्रणाली लागू करने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है।





