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NEET पेपर लीक के बाद बड़ा एक्शन: अब पेपर लीक पर 10 साल तक जेल, ₹10 करोड़ जुर्माना; लोकसभा में पेश हुआ सख्त संशोधन विधेयक

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० परीक्षा माफियाओं पर शिकंजा कसने की तैयारी, फास्ट ट्रैक कोर्ट, स्पेशल टास्क फोर्स और बायोमेट्रिक सुरक्षा समेत कई बड़े प्रावधान प्रस्तावित

नई दिल्ली। देशभर में नीट पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया गया। प्रस्तावित कानून में पेपर लीक और परीक्षा में धांधली करने वालों के लिए पहले से कहीं अधिक कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह विधेयक लोकसभा में पेश किया। इस दौरान छात्र आंदोलनों और पुलिस कार्रवाई के विरोध में विपक्ष ने सदन में जोरदार हंगामा किया।

पेपर लीक पर 10 साल तक जेल, 50 लाख तक जुर्माना

प्रस्तावित संशोधन के तहत पेपर लीक या सार्वजनिक परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों को कम से कम 5 वर्ष और अधिकतम 10 वर्ष तक की सजा हो सकती है। इसके अलावा 50 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकेगा।

यदि अपराध संगठित गिरोह या माफिया से जुड़ा पाया जाता है तो आरोपियों को कम से कम 7 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।

दो महीने में जांच, तीन महीने में फैसला

सरकार ने मामलों के त्वरित निपटारे के लिए भी विशेष प्रावधान किए हैं। प्रस्तावित कानून के अनुसार:

0 पेपर लीक मामलों की जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होगी।
0 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अधिकार होगा।
0 चार्जशीट दाखिल होने के बाद तीन महीने के भीतर मुकदमे का निपटारा करने का लक्ष्य रखा गया है।
0 फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामलों की दैनिक सुनवाई होगी।

केंद्र बनाएगा स्पेशल टास्क फोर्स

संशोधन विधेयक में केंद्र सरकार को बड़े और संवेदनशील मामलों की जांच के लिए विशेष जांच दल (स्पेशल टास्क फोर्स) गठित करने का अधिकार भी दिया गया है।

परीक्षा प्रणाली होगी और सुरक्षित

विधेयक में परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कई नए सुरक्षा मानकों का प्रस्ताव है। इनमें परीक्षा केंद्रों का प्री-ऑडिट, अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक जांच, सुरक्षा स्क्रीनिंग, डिजिटल प्रश्नपत्र प्रबंधन, परीक्षा के दौरान निगरानी और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए स्क्राइब संबंधी स्पष्ट दिशा-निर्देश शामिल हैं।

15 तरह की धोखाधड़ी होंगी दंडनीय

सरकार ने 15 प्रकार की परीक्षा संबंधी अनियमितताओं को स्पष्ट रूप से अपराध की श्रेणी में शामिल करने का प्रस्ताव रखा है। इनमें प्रश्नपत्र लीक करना, ओएमआर शीट से छेड़छाड़, फर्जी वेबसाइट बनाना, नकली एडमिट कार्ड जारी करना और परीक्षा से जुड़ी अन्य धोखाधड़ी शामिल हैं।

विपक्ष का हंगामा, स्पीकर की चर्चा की अपील

विधेयक पेश होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी दलों से चर्चा में भाग लेने और सुझाव देने की अपील की। हालांकि विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

NEET विवाद के बाद आया सख्त कानून

यह संशोधन ऐसे समय लाया गया है जब NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों का व्यापक आंदोलन हुआ था। सरकार का कहना है कि नए प्रावधानों का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और ‘लीक-प्रूफ’ बनाना है, ताकि भविष्य में अभ्यर्थियों का भरोसा कायम रखा जा सके।